एआईएडीएमके के वरिष्ठ नेता एस सेम्मालाई ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने पार्टी महासचिव ए पलानीस्वामी को भेजे अपने इस्तीफा पत्र में पार्टी के भीतर जारी टूट और हालिया घटनाक्रमों पर गहरी नाराजगी और पीड़ा जताई।
सेम्मलाई ने लिखा, ‘चुनाव के बाद एआईएडीएमके में जो घटित हो रहा है, उसने मुझे गहरे मानसिक आघात में डाल दिया है। क्या स्वर्ण हृदय वाले क्रांतिकारी नेता एम. जी. रामचंद्रन द्वारा बनाई गई और क्रांतिकारी नेता जे. जयललिता द्वारा संरक्षित इस आंदोलन की यही नियति है?’ उन्होंने भावुक अंदाज में कहा, ‘कपूर घुल सकता है, लेकिन क्या कोई पार्टी भी घुल सकती है? यह सोचकर दिल दुखता है, सचमुच बहुत दुखता है।’ सेम्मलाई ने आगे कहा कि वह खेद के साथ अपने पद और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहे हैं।