देश में चार राज्यों की 28 विधान परिषद सीटों पर चुनाव हुए। इनमें से 11 सीटें उत्तर प्रदेश की थीं। इनमें से छह सीटें भाजपा और पांच सीटें सपा के खाते में गईं। राज्य में अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले आए इन नतीजों के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। इस हफ्ते खबरों के खिलाड़ी में इन्हीं मायनों पर चर्चा हुई। चर्चा के लिए वरिष्ठ पत्रकार पूर्णिमा त्रिपाठी, राकेश शुक्ल और अनुराग वर्मा मौजूद रहे।
अनुराग वर्मा: देश की सियासत में जिस तरह से राजनीति बदल रही है उसके हिसाब से हर दल को आत्ममंथन की जरूरत है। आज की तारीख में जो चुनाव होते हैं वो अलग तरह से हो रहे हैं। देश के चुनाव होते हैं तो वो पीएम मोदी वर्सेस राहुल गांधी होता है। वहीं, राज्यों की बात करें तो उत्तर प्रदेश का चुनाव होता है तो वो योगी वर्सेस अखिलेश हो जाता है। उससे नीचे जैसे आप जाते हैं वहां उम्मीदवार ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है। भाजपा उम्मीदवार केंद्रित चुनाव नहीं लड़ती इसलिए छोटे चुनावों में उसे नुकसान होता है।