जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने हालांकि अंडमान निकोबार परियोजना को मंजूरी दे दी है लेकिन लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि परियोजना देश की प्राकृतिक और आदिवासी विरासत के खिलाफ सबसे बड़े घोटालों और सबसे गंभीर अपराधों में से एक है।
राहुल ने कहा कि इस द्वीप समूह के 160 वर्ग किलोमीटर के वर्षा वन में लाखों पेड़ काटे जाएंगे। इसे ”विकास की भाषा में छिपा विनाश” बताते हुए संसद में इस मुद्दे को उठाने की घोषणा करते हुए उन्होंने आमलोगों से भी परियोजना को इसी दृष्टि से देखने की अपील की।
ग्रेट निकोबार की यात्रा में असाधारण जंगल देखा- राहुल गांधी
अंडमान-निकोबार की तीन दिन की यात्रा की समाप्ति के बाद बुधवार को एक्स पर पोस्ट में राहुल गांधी ने कहा कि ग्रेट निकोबार की यात्रा में उन्होंने अपने जीवन का सबसे असाधारण जंगल देखा है जिसमें ऐसे पेड़ हैं जो हमारी यादों से भी कहीं ज्यादा पुराने हैं। ऐसे जंगल जिन्हें बढ़ने में कई पीढ़ियां लग गईं। इस द्वीप के लोग भी उतने ही सुंदर हैं, चाहे वे आदिवासी समुदाय हों या यहां आकर बसे लोग।
सोशल मीडिया पर इस बारे में साझा एक वीडियो में भी राहुल गांधी ने यह दावा किया कि द्वीप का हर व्यक्ति प्रोजेक्ट के खिलाफ है तथा लोगों को यह भी नहीं मालूम कि उनकी जमीन के बदले क्या मुआवजा मिलेगा। नेता विपक्ष ने कहा कि यहां के दौरे के बाद समझ आया है कि सरकार आखिर उनको यहां आने से क्यों रोक रही थी और काफी मशक्कत के बाद वे यात्रा कर सके।