चंद्रनाथ रथ हत्याकांड:राजकुमार यहां ढूंढ रहा था सुरक्षित ठिकाना, राज से मिला लिंक; ये भी बलिया का रहने वाला – Fourth Accused Rajkumar Singh Arrested In Murder Of Subhendu Adhikari Pa Chandranath Rath In Muzaffarnagar Up
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पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ (41) की हत्या के चौथे आरोपी को सीबीआई ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया है। दिल्ली-देहरादून हाईवे के छपार पकड़ा गया राजकुमार सिंह बलिया जिले का निवासी है। वह हरिद्वार से गंगा स्नान करके कार से परिवार के साथ लौट रहा था।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट से 24 घंटे के ट्रांजिट रिमांड पर सीबीआई टीम आरोपी को लेकर चली गई। मंगलवार की शाम सवा पांच बजे तक आरोपी को उत्तर 24 परगना के बारासात स्थित एसीजेएम कोर्ट में पेश किया जाएगा।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी राजकुमार
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
छह मई की रात कोलकाता के मध्यम ग्राम में चंद्रनाथ की हत्या की गई थी। पुलिस ने 11 मई को अयोध्या से बलिया के आनंदनगर निवासी राज सिंह उर्फ चंदन समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। आरोपी चंदन से पूछताछ के बाद सीबीआई ने यूपी और उत्तराखंड में जाल बिछाया।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी राजकुमार
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रविवार रात डिप्टी एसपी राजेश कुमार टीम के साथ छपार टोल प्लाजा पहुंचे। सोमवार तड़के करीब पांच बजे एक कार को रुकवाकर चेकिंग की गई। स्थानीय पुलिस की मदद से सीबीआई ने बलिया के रासड़ा थाना क्षेत्र के गांव रातोपुर निवासी राजकुमार सिंह को पकड़ लिया और छपार थाने ले गई। करीब पांच घंटे की पूछताछ के बाद जानकारी हाथ लगी।
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चंद्रनाथ रथ हत्याकांड।
– फोटो : अमर उजाला
राजकुमार हरिद्वार में ढूंढ रहा था ठिकाना
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में पकड़ा गया राजकुमार सिंह ठिकाना बदलने की फिराक में था। पहले वह बलिया से फरीदाबाद में पहुंचा और अब हरिद्वार में सुरक्षित इंतजाम की तलाश में था। एसएसपी संजय वर्मा ने बताया कि सीबीआई की जांच के बाद ही अन्य तथ्य प्रकाश में आएंगे।
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चंद्रनाथ रथ की फाइल फोटो।
– फोटो : अमर उजाला
छपार पुलिस के सहयोग से आरोपी को टोल पर पकड़ा गया। आरोपी दो महिलाओं के अलावा अपने पिता के साथ फ्रॉक्स कार में सवार होकर वापस फरीदाबाद लौट रहा था। टोल पर चेकिंग के दौरान पुलिस और सीबीआई की टीम से बचने का प्रयास किया लेकिन लंबी पूछताछ के बाद आरोपी ने अपनी पहचान स्वीकार की।