जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा सहित राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के दायरे में आने वाले शहरों के दबाव को थामने के लिए जल्द ही एनसीआर में चार नए ग्रीन फील्ड सिटी बनाने का निर्णय लिया गया है। जिन्हें नमो सिटी नाम दिया गया है।
प्रस्तावित नए शहरों का निर्माण आरआरटीएस (रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम) के आसपास किया जाएगा। इस दौरान प्रत्येक शहर के विकास के लिए अगले पांच सालों में पांच- पांच हजार करोड़ रुपए भी खर्च किए जाएंगे। इन शहरों के निर्माण में पर्यावरण मानकों का पूरा ख्याल रखा जाएगा।
केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल की अगुवाई में मंगलवार को हुए एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की बैठक में यह सहमति बनी है।
NCR में चार नए ‘नमो सिटी’ बनेंगे
केंद्रीय मंत्री ने बोर्ड की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि एनसीआर में आने वाले चारों राज्यों यानी दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा व राजस्थान से इसे लेकर प्रस्ताव मांगे गए है।
नए शहरों का चयन प्रतिस्पर्धा के जरिए किया जाएगा। बोर्ड की इस बैठक में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता व हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सहित उत्तर प्रदेश, राजस्थान के शहरी विकास मंत्री व सभी राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
बैठक में एनसीआर के रीजनल विजन 2041 पर भी चर्चा हुई है। साथ ही इसे लेकर एक सब कमेटी भी गठित की गई है, जो 15 अगस्त तक रिपोर्ट देगी। बोर्ड की अगली बैठक अब दिसंबर में होगी।
बोर्ड की इस अहम में पर्यावरण अनुकूल परिवहन सुविधाओं को बढ़ाने, एनसीआर के सभी शहरों के बीच सहज कनेक्टिविटी सुविधा को विस्तार देने, आरआरटीएस के नए नेटवर्क के निर्माण पर भी चर्चा हुई।
पांच साल में पांच हजार करोड़ खर्च होंगे
बैठक में हरियाणा की ओर से एनसीआर दायरे के घटाने का प्रस्ताव भी रखा गया, हालांकि बोर्ड ने इसे खारिज कर दिया। साथ ही हरियाणा की चिंताओं को दूर करते हुए एनसीआर को तीन जोन में बांटने पर सहमति दी है। इनमें कोर जोन के साथ दो अन्य जोन भी होंगे।