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चीनी सामान के आयात के जाल में कैसे फंसता चला गया भारत

Byadmin

Oct 8, 2026


छह साल पहले भारत ने विदेश से आने वाले खिलौनों पर आयात शुल्क बढ़ा दिया था.

इमेज कैप्शन, छह साल पहले भारत ने विदेश से आने वाले खिलौनों पर आयात शुल्क बढ़ा दिया था

भारत में किसी खिलौने की दुकान पर जाइए. वहां बच्चे के लिए कोई पसंदीदा खिलौना ख़रीदते हुए आपको यह भी समझ आ सकता है कि भारत अपने ताक़तवर पड़ोसी चीन के साथ आर्थिक रिश्तों में संतुलन बनाने के लिए किस तरह जूझ रहा है.

छह साल पहले भारत ने विदेश से आने वाले खिलौनों पर आयात शुल्क बढ़ा दिया था. इसका मक़सद देश में खिलौनों का उत्पादन बढ़ाना और ख़राब क्वालिटी के विदेशी खिलौनों को भारतीय बाज़ार से बाहर रखना था.

उस समय आयातित खिलौनों पर 20 फ़ीसदी शुल्क लगता था. इसे पहले बढ़ाकर 60 फ़ीसदी और फिर 70 फ़ीसदी कर दिया गया.

दुकानदारों और खिलौना बेचने वाली कंपनियों ने इसका कड़ा विरोध किया. उनका कहना था कि भारत की कंपनियां विदेशों में बने खिलौनों का मुक़ाबला कभी नहीं कर पाएंगी.

लेकिन आयात शुल्क बढ़ाने और क्वालिटी से जुड़े नियम सख़्त करने का असर हुआ.

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