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डाक मतों की गिनती में पलटा मामला, भाजपा प्रत्याशी पर केस से हाई कोर्ट नाराज

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May 5, 2026


डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कर्नाटक हाई कोर्ट ने श्रृंगेरी विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी डीएन जीवराज के खिलाफ डाक मतों से कथित छेड़छाड़ के मामले को रद करते हुए पुलिस और संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने कहा कि 2023 की घटना को लेकर 2026 में केस दर्ज करना न्यायसंगत नहीं है और यह कार्रवाई राजनीतिक प्रभाव में की गई प्रतीत होती है।

दरअसल, 2023 के विधानसभा चुनाव में श्रृंगेरी सीट से कांग्रेस प्रत्याशी राजेगौड़ा को 201 वोटों से विजयी घोषित किया गया था। इसके बाद जीवराज ने डाक मतों की दोबारा गिनती के लिए हाई कोर्ट में अपील की। अदालत के आदेश पर छह अप्रैल को हुई पुनर्गणना में नतीजे बदल गए और जीवराज को 52 मतों से विजयी घोषित किया गया।चुनाव के दौरान कुल 1822 मतों में से 279 मत खारिज किए गए थे। बाद में हाई कोर्ट ने इन डाक मतों के पुन: सत्यापन का भी आदेश दिया।

हाई कोर्ट ने रद किया केस 

इस प्रक्रिया के दौरान कांग्रेस ने मतपेटिकाओं और डाक मतों से छेड़छाड़ के आरोप लगाए और दावा किया कि स्ट्रांग रूम में रखी मतपेटिकाओं की सील और ताले से छेड़छाड़ की गई।नाटकीय घटनाक्रम में पुनर्गणना के दौरान राजेगौड़ा को मिले 255 डाक मत अवैध घोषित कर दिए गए। चुनाव अधिकारी गौरव शेट्टी के अनुसार, जीवराज के वैध डाक मत 692 से घटकर 690 रह गए, जबकि राजेगौड़ा के मत 569 से घटकर 314 हो गए। इसके बाद अंतिम परिणाम में राजेगौड़ा 52 वोटों से हार गए।

इसी बीच, भाजपा प्रत्याशी जीवराज के खिलाफ चिकमंगलुरु थाने में डाक मतों से छेड़छाड़ का मामला दर्ज किया गया, जिसके बाद उन्होंने हाई कोर्ट में अंतरिम राहत की गुहार लगाई। जस्टिस वी. श्रीशनंदा की अध्यक्षता वाली अवकाशकालीन पीठ ने केस रद करते हुए पुलिस को कड़ी चेतावनी दी कि वह राजनीतिक दबाव में काम न करे। अदालत ने यह भी पूछा कि यदि मतपेटिकाओं से छेड़छाड़ हुई थी तो यह बात पहले अदालत के संज्ञान में क्यों नहीं लाई गई।

साथ ही, पीठ ने सवाल उठाया कि 2023 में पद पर रहे डिप्टी कमिश्नर के खिलाफ केस क्यों दर्ज किया गया, जबकि मौजूदा चुनाव अधिकारी को इसमें शामिल नहीं किया गया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जनप्रतिनिधित्व कानून के तहत डिप्टी कमिश्नर के खिलाफ इस तरह का मामला दर्ज नहीं किया जा सकता।अदालत ने मामले में किसी भी दंडात्मक कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगाते हुए जांच अधिकारी को तलब किया है और अगली सुनवाई सात मई तय की है।

वोट चोरी नहीं, ‘वोट डकैती’: सिद्धरमैया

मुख्यमंत्री डीके सिद्धरमैया ने प्रेस कांफ्रेंस में भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि डाक मतों में हेराफेरी कर जीवराज को जिताया गया। उन्होंने कहा कि इसे ‘वोट चोरी’ नहीं, बल्कि ‘वोट डकैती’ कहा जाना चाहिए। सिद्धरमैया ने आरोप लगाया कि पूरी गिनती प्रक्रिया में गड़बड़ी की गई और रिटर्निंग ऑफिसर को परिणाम घोषित करने के बजाय मामला कोर्ट पर छोड़ना चाहिए था।

वहीं उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि इस तरह का मामला देश में कहीं और नहीं देखने को मिला है। हम इसके खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने इस मामले को देश की सबसे बड़ी चुनावी साजिश करार दिया।

(न्यूज एजेंसी आईएएनएस के इनपुट के साथ)

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