आईएएनएस, नासिक। महाराष्ट्र पुलिस की विशेष जांच टीम ने बुधवार को अशोक खरात के खिलाफ दर्ज 17 मामलों में से दो में आरोप पत्र दाखिल किया है। एसआईटी अधिकारी ने बताया कि इन दोनों मामलों में उन पर यौन उत्पीड़न का आरोप है।
एसआइटी ने बुधवार को बताया कि अशोक खरात ने यौन शोषण को बढ़ावा देने के लिए दैवीय शक्तियों के दावे और पीड़ितों के परिवारों को जान से मारने की धमकी देता था।
उन्होंने कहा कि सुबूतों से पता चलता है कि आरोपित ने ईशानेश्वर मंदिर परिसर में अंधेरे का फायदा उठाकर अपनी अलौकिक शक्तियों का झूठा विश्वास जगाने के लिए जादू-टोने का इस्तेमाल किया।
आरोपित ने पीड़ितों की धार्मिक भावनाओं का फायदा उठाते हुए कंकड़ और रुद्राक्ष जैसी वस्तुओं का इस्तेमाल करके उनसे पैसे ऐंठता था।
अशोक खरात के खिलाफ पहली एफआइआर 17 मार्च को दर्ज की गई थी। एसआईटी की साइबर टीम ने महाराष्ट्र साइबर विभाग की मदद से इन मामलों से संबंधित 13,175 आपत्तिजनक वीडियो के लिंक हटा दिए हैं।
ईडी ने अशोक खरात मामले में रुपाली चाकणकर को किया तलब
ईडी ने बुधवार को राकांपा की नेता रुपाली चाकणकर को स्वयंभू धर्मगुरु अशोक खरात उर्फ भोंदू बाबा से जुड़े कथित दुष्कर्म मामले में समन जारी किया है।
ईडी ने रुपाली को इस मामले की चल रही जांच के तहत इस सप्ताह के अंत में एजेंसी के समक्ष पूछताछ के लिए पेश होने का निर्देश दिया है। इससे पहले, ईडी ने इसी मामले में चाकणकर की बहन से भी पूछताछ की थी। इससे पहले, नासिक की एक अदालत ने दुष्कर्म मामले में अशोक खरात को न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
अशोक खरात का सहयोगी गिरफ्तार
नासिक पुलिस ने बुधवार को अशोक खरात के करीबी सहयोगी और एक सहकारी औद्योगिक संपदा के अध्यक्ष नामकर्न अवेयर को खरात से जुड़े एक वित्तीय संस्थान में अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया है।
अवेयर खरात के शिवानिका ट्रस्ट के पूर्व सचिव हैं। यह ट्रस्ट नासिक के सिन्नर तालुका के मीरगांव में खरात द्वारा स्थापित ईशान्येश्वर मंदिर के प्रशासन की देखरेख करता था।