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नेपाल के रसुवा ज़िले भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ में 95 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है.
रसुवा ज़िला तिब्बत सीमा से सटा हुआ है. चीन के सरकारी मीडिया ने बताया है कि तिब्बत में एक भयानक पानी और कीचड़ की बाढ़ के बाद काफ़ी लोग मारे गए हैं. कई लोग लापता भी बताए गए हैं.
बीबीसी की चीन संवाददाता लॉरा बिकर ने बताया है कि बॉर्डर पर लगे सर्विलांस कैमरे के फुटेज में इमारतें पूरी तरह से कीचड़ और पानी में डूबी हुई दिख रही हैं.
चीन में किसी आपदा के बड़े पैमाने का अंदाज़ा लगाना हमेशा मुश्किल होता है क्योंकि देश में सभी मीडिया को, खासकर तिब्बत में, सावधानी से कंट्रोल किया जाता है.
हालांकि जब चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग व्यक्तिगत रूप से निर्देश देते हैं, तो यह आमतौर पर इस बात का संकेत होता है कि घटना बहुत गंभीर है.
उन्होंने बचाव अभियान की टीमों से कहा है कि वे लापता लोगों को ढूंढने के लिए हर मुमकिन कोशिश करें.
शॉर्ट वीडियो देखिए
तिब्बत में आपदा के बारे में क्या पता है?
चीन के सरकारी मीडिया आउटलेट सीसीटीवी ने नेपाल से सटे तिब्बत की ओर एक ट्रेड हब पर कीचड़ और पानी की बाढ़ से “बड़ी संख्या में लोगों के मारे जाने” की ख़बर दी है.
ग्यिरोंग काउंटी के बॉर्डर पोस्ट पर तबाही का मंज़र सीसीटीवी फ़ुटेज में साफ़ दिख रहा है. इस पोस्ट से व्यापार होता है और श्रद्धालु कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर भी जाते हैं.
ऐसा कहा जा रहा है कि यात्रा पर आए कई लोगों के लापता होने की आशंका है.
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने लापता लोगों को “पूरी ताक़त से” खोजने के लिए कहा है. साथ ही उन्होंने दूसरी आपदाओं को रोकने के लिए मज़बूत मॉनिटरिंग और अर्ली वॉर्निंग सिस्टम लगाने को कहा है.
चीन की सरकार ने भी कर्मचारियों को खोज और बचाव मिशन के लिए तिब्बत जाने का निर्देश दिया है. तिब्बत चीन के नियंत्रण में एक स्वायत्त क्षेत्र है.
किस हिस्से में आई बाढ़
इस बाढ़ से तिब्बत में भी भारी तबाही की आशंकाएं जताई जा रही हैं.
ग्यिरोंग काउंटी का बॉर्डर चीन और नेपाल के बीच टूरिस्ट और ट्रैफिक के लिए मेन क्रॉसिंग पॉइंट है. वहां क़रीब 4,000 लोग रहते हैं.
लॉरा बिकर ने बताया है कि बीबीसी से बात करने वाले स्थानीय कर्मियों ने बताया है कि, तिब्बती बॉर्डर इलाक़े में कई चीनी कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स भी चल रहे थे.
कई एजेंसियों को लगाया गया है, जिसमें 200 जियोलॉजिकल, इंजीनियरिंग और इमरजेंसी रिस्पॉन्स स्टाफ़ की एक टीम शामिल है, जो टोही ड्रोन, 3डी लेज़र स्कैनर, लाइफ डिटेक्टर और रेस्क्यू इक्विपमेंट से लैस है.
इलाके में सड़कें, कम्युनिकेशन और बिजली भी अभी भी बंद है.
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कैलास मानसरोवर जा रहे यात्री भी प्रभावित
अनबरास इतिराजन
ग्लोबस अफ़ेयसर्स कॉरेस्पॉन्डेंट
नेपाल पर्वतारोहियों और ट्रेकर्स, और हिंदू और बौद्ध तीर्थयात्रियों के लिए एक मशहूर जगह है. हर साल हज़ारों लोग धार्मिक जगहों पर पूजा करने के लिए नेपाल आते हैं.
यह तिब्बत के न्गारी इलाक़े में मौजूद माउंट कैलाश जाने वालों के लिए भी एक व्यस्त सीज़न होता है, जो चीन के नियंत्रण में है. यहां काठमांडू से 10 दिन का ट्रिप होता है. हज़ारों लोग इन पवित्र जगहों को देखने के लिए नेपाल बॉर्डर पार करके तिब्बत जाते हैं.
अब नेपाल टूरिज़्म अधिकारियों का कहना है कि इनमें से सैकड़ों तीर्थयात्री, जिनमें 100 से ज़्यादा भारतीय शामिल हैं, लापता हैं. ग्यिरोंग में नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पॉइंट जहां कीचड़ और पानी की बाढ़ आई थी वो तीर्थयात्रियों के लिए एक पॉपुलर बॉर्डर क्रॉसिंग है.
तमिलनाडु में एक टूर ऑपरेटर ने कहा कि उसके क्लाइंट पहाड़ी इलाके में तीन बसों में सफ़र कर रहे थे. उनके एक सहकर्मी ने कहा कि जब वहाँ बहुत बड़ा भूस्खलन हुआ तो उन्होंने उस इलाके से भागने की कोशिश की लेकिन एक बस सड़क से गिर गई और वे यात्रियों के बारे में जानकारी का इंतज़ार कर रहे हैं.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.
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