डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देशभर में मेडिकल के पीजी डिप्लोमा कोर्स बंद कर दिए जाएंगे। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने देश में सभी पीजी डिप्लोमा मेडिकल कोर्स को बंद करने और उनकी जगह एमडी (डॉक्टर ऑफ मेडिसिन) और एमएस (मास्टर ऑफ सर्जरी) जैसे व्यापक विशेषज्ञता वाले पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री कोर्स शुरू करने का फैसला किया है।
एनएमसी ने सोमवार को अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों को जारी सूचना में कहा, पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) डिप्लोमा कोर्स में दाखिले के लिए 2026-27 आखिरी शैक्षणिक वर्ष होगा। स्पष्ट किया गया कि 2027-28 से पीजी डिप्लोमा कोर्स में कोई एडमिशन नहीं होगा और उसके बाद ऐसे कोर्स बंद हो जाएंगे।
इस कदम का उद्देश्य देश में स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा को अधिक मानकीकृत, गुणवत्तापूर्ण और वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाना है। एनएमसी ने सभी संबंधित संस्थानों और विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया कि वे 19 जून को उसके पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन बोर्ड (पीजीएमईबी) द्वारा जारी सूचना में बताई गई बातों पर ध्यान दें और उनका पालन करें।
पीजीएमईबी ने गौर किया कि कई मेडिकल कॉलेज में अभी एक ही स्पेशियलिटी या विषय में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और एमडी/एमएस, दोनों कोर्स संचालित हो रहे हैं, जबकि कुछ संस्थान केवल डिप्लोमा पाठ्यक्रम चला रहे हैं। आयोग का मानना है कि इन संस्थानों में पहले से ही पर्याप्त बुनियादी ढांचा, फैकल्टी और क्लीनिकल सुविधाएं मौजूद हैं, जिनके आधार पर डिग्री कोर्स आसानी से संचालित किए जा सकते हैं।
यह फैसला पोस्ट-ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन रेगुलेशंस (पीजीएमईआर), 2023 के तहत लिया गया है। नोटिस में कहा गया है कि मेडिकल कॉलेज डिप्लोमा सीटों को डिग्री सीटों में बदलने के लिए मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड (एमएआरबी) में आवेदन कर सकते हैं। डिप्लोमा सीटें शुरू करने या उनकी संख्या बढ़ाने की अनुमति के लिए अब और नए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
एनएमसी के पत्र में कहा गया है कि जो संस्थान डिप्लोमा कोर्स की जगह संबंधित एमडी/एमएस प्रोग्राम शुरू करना चाहते हैं, उन्हें एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल के जरिये एमएआरबी को आवेदन देना होगा।
आवेदन प्रक्रिया और समय-सीमा के बारे में विस्तृत निर्देश एमएआरबी की ओर से अलग से जारी किए जाएंगे। डिप्लोमा सीटों को डिग्री सीटों में बदलने की मंजूरी तभी दी जाएगी जब जब संबंधित संस्थान एनएमसी द्वारा निर्धारित मानकों और आवश्यकताओं को पूरा करेंगे।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)