भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार को बढ़त के साथ बंद हुआ। सेंसेक्स ने चार दिन से जारी गिरावट का सिलसिला समाप्त किया। हालांकि, दिन के दौरान की अधिकांश बढ़त समापन नीलामी सत्र (सीएएस) के बाद कम हो गई।
सेंसेक्स 363 अंक बढ़कर 76,515 पर बंद हुआ। निफ्टी 50 भी 24 अंक से अधिक बढ़कर 23,898 के नीचे समाप्त हुआ। व्यापक बाजार मिश्रित रहे। निफ्टी मिडकैप 100 गिरावट के साथ बंद हुआ। वहीं, निफ्टी स्मॉलकैप 100 बढ़त के साथ बंद हुआ। क्षेत्रों में, निफ्टी मेटल 1 फीसदी से अधिक उछलकर बढ़त का नेतृत्व किया। निफ्टी फार्मा में करीब 0.7 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। समग्र बाजार की चौड़ाई सकारात्मक रही। एनएसई पर 2,017 शेयरों में बढ़त देखी गई। इसके मुकाबले 1,520 शेयरों में गिरावट आई। 111 शेयर अपरिवर्तित रहे।
बाजार ने कैसे तोड़ा गिरावट का सिलसिला?
सेंसेक्स ने लगातार चार दिन की गिरावट के बाद शुक्रवार को वापसी की। यह 363 अंकों की बढ़त के साथ 76,515 के स्तर पर बंद हुआ। दिन के शुरुआती कारोबार में बाजार में अच्छी तेजी थी। हालांकि, समापन नीलामी सत्र के बाद यह तेजी कुछ कम हुई। रिलायंस इंडस्ट्रीज और एचडीएफसी लाइफ के शेयरों में 2 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई।
व्यापक बाजारों का प्रदर्शन कैसा रहा?
शुक्रवार को व्यापक बाजारों में मिश्रित रुझान देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुआ। इसके विपरीत, निफ्टी स्मॉलकैप 100 सूचकांक बढ़त के साथ समाप्त हुआ। यह दर्शाता है कि छोटे और मझोले शेयरों में अलग-अलग तरह का कारोबार हुआ। कुछ क्षेत्रों में निवेशकों ने मुनाफावसूली की।
वैश्विक बाजारों में क्या रहा रुझान?
वैश्विक बाजारों में शुक्रवार को मिश्रित रुझान देखने को मिला। लंदन समय अनुसार सुबह 9:42 बजे तक स्टॉक्स यूरोप 600 में 0.1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। एसएंडपी 500 और डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज वायदा लगभग अपरिवर्तित रहे। नैस्डैक 100 वायदा लगातार तीसरे दिन 0.4 फीसदी बढ़ा, जो 27 अगस्त, 2026 के बाद की सबसे लंबी बढ़त का सिलसिला है। एमएससीआई एशिया पैसिफिक सूचकांक 0.8 फीसदी बढ़कर 22 जून, 2026 के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। एमएससीआई इमर्जिंग मार्केट्स सूचकांक में 1.4 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई, जो 20 अगस्त, 2026 के बाद की सबसे बड़ी समापन बढ़त थी।