डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की डीएमके ने देश भर में होने वाली मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है। डीएमके सांसद टीआर बालू ने सोमवार को लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया, जिसमें मौजूदा मानसून सत्र के दौरान नीट पर रोक लगाने की मांग की गई।
यह मांग मई में हुए नीट यूजी पेपर लीक के बाद उठी है, जिससे देश भर में गुस्सा फैल गया था और छात्रों ने एक महीने से ज्यादा समय तक विरोध प्रदर्शन किया था। आखिरकार इसके चलते केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा।
जंतर मंतर हिंसा की जांच की भी मांग
इसके साथ ही डीएमके ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध कर रहे छात्रों के खिलाफ कथित तौर पर जानलेवा हथियारों के अंधाधुंध इस्तेमाल की जांच की भी मांग की। प्रधान के इस्तीफे वाले दिन ही पीएम मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार ने प्रल्हाद जोशी को नया केंद्रीय शिक्षा मंत्री नियुक्त किया है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शांत हुई विरोध प्रदर्शन
हालांकि, प्रधान के इस्तीफे से विरोध प्रदर्शन शांत करने में मदद मिली। आंदोलन का नेतृत्व कर रही सोशल मीडिया की उपज कॉकरोच जनता पार्टी ने प्रदर्शनकारियों से घर लौटने की अपील की। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्रियों जगत प्रकाश नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ बैठक के बाद उनकी मुख्य मांग पूरी हो गई है।