संजय मिश्र, नई दिल्ली। नीट पेपर लीक मामले में सरकार को चौतरफा घेर रही कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ संसद में विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव का नोटिस दिया है। राज्यसभा में कांग्रेस के मुख्य सचेतक जयराम रमेश ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर संसद का तिरस्कार कर उसकी गरिमा घटाने का आरोप गलाते हुए उनके खिलाफ सोमवार को विशेषाधिकार हनन का यह नोटिस दिया।
नोटिस में कहा गया है कि प्रेस कांफ्रेंस में पत्रकारों ने एनटीए पर संसदीय स्थायी समिति की रिपोर्ट में दी गई सिफारिशों को लागू क्यों नहीं किया गया का सवाल पूछा तो शिक्षा मंत्री का जवाब था ‘मैं संसदीय समिति द्वारा उठाई गई गंभीर चेतावनियों पर टिप्पणी नहीं करूंगा।
मैं हाई-लेवल कमेटी ऑफ एक्सपर्ट्स राधाकृष्णन समिति के बारे में बात करूंगा। संसदीय स्थायी समिति में विपक्ष के सदस्य भी होते हैं। वे चीजों को एक खास तरीके से लिखते हैं, यह आप भी जानते हैं। इसलिए मैं स्थायी समिति पर कुछ नहीं बोलूंगा।’
जयराम ने कहा कि शिक्षा मंत्री की ये टिप्पणियां बेहद आपत्तिजनक हैं जो संसद सदस्यों, संसदीय समितियों और संसद को बदनाम करने की कोशिश है। संसदीय समितियों को मिनी संसद भी कहा जाता है और मंत्री ने जानबूझकर समिति की बहुदलीय प्रकृति के कारण स्थायी समिति की गरिमा और प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाया है।
इसलिए राज्यसभा के कार्य संचालन प्रक्रिया के अंतर्गत नियम 187 के तहत दिए प्रधान के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की कार्रवाई शुरू की जाए। गौरतलब है कि इससे पहले नेता विपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकाजुन खरगे ने प्रधान की बर्खास्तगी की भी मांग की थी।