संजय मिश्र, जागरण। नई दिल्ली लोकसभा में परिसीमन से जुड़ा 131वां संविधान संशोधन बिल गिरने के तत्काल बाद महिला आरक्षण के मुद्दे पर विपक्ष की आक्रामक घेरेबंदी में जुटी सरकार तथा भाजपा के राजनीतिक दांव को भांपते हुए विपक्षी दलों ने भी जवाबी हमले का मोर्चा खोल दिया है।
कांग्रेस के साथ ही विपक्षी आइएनडीआइए गठबंधन के तमाम घटक दलों ने आपसी समन्वय के साथ अपने-अपने राजनीतिक मंचों से विपक्ष के खिलाफ महिला विरोधी नैरेटिव बनाने के सत्तापक्ष के इरादों को कामयाब नहीं होने देने की रणनीति बनाई है।
पीएम के निशाने पर कौन-कौन?
इस रणनीति के तहत ही पीएम के राष्ट्र के नाम संबोधन में निशाने पर रहे चार प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस, सपा, तृणमूल तथा द्रमुक के नेताओं ने रविवार को देश भर में अलग-अलग जगहों पर परिसीमन से जुड़े बिल को महिला आरक्षण की खिलाफत बताए जाने के सत्तापक्ष के नैरेटिव की काट के लिए जवाबी मोर्चा खोल दिया।
तमिलनाडु के चुनावी दौरे पर गए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पत्रकारों से बातचीत में पीएम के राष्ट्र के नाम संबोधन पर कहा, “मोदी दावा कर रहे हैं कि महिला आरक्षण बिल गिर गया मगर सच यह है कि महिला आरक्षण बिल और नया परिसीमन बिल दोनों अलग-अलग हैं। हमने 2023 में महिला आरक्षण बिल को सर्वसम्मति से पास किया। मोदी ने खुद सभी पार्टियों को बधाई दी थी। इसी महिला बिल को 16 अप्रैल 2026 की रात को अधिसूचित किया गया। इसका मतलब है कि वह बिल अस्तित्व में ही नहीं था फिर भी वे उसमें संशोधन ले आए। भाजपा सबसे चालबाज पार्टी है और वे महिलाओं का सम्मान नहीं करते।”
कांग्रेस का पलटवार
कर्नाटक के बंगलुरू में मुख्यमंत्री सिद्धरमैया तथा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने 2023 में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम का हवाला देते हुए कहा कि महिला आरक्षण कानून पहले से ही पारित है जिसे लागू करने की बजाय इसकी आड़ में भाजपा सरकार परिसीमन के अपने एजेंडे़ को आगे बढ़ना चाहती है।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी लखनऊ में प्रेस कांफ्रेंस कर भाजपा के सियासी नैरेटिव को थामने के लिए अपनी तरफ से जवाबी वार करने में कसर नहीं छोड़ी। विपक्षी खेमे के वरिष्ठ सलाहकारों में शामिल वरिष्ठ राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने भी परिसीमन बिल और महिला आरक्षण के बीच कानूनी फर्क को रेखांकित करते हुए भाजपा के दावों को खारिज किया।
पश्चिम बंगाल के चुनाव के बीच पीएम के प्रहार से बौखलाई तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने रविवार को महिला आरक्षण पर भाजपा को कठघरे में खड़ा करने की कोशिश की। डेरेक ओब्रायन, महुआ मोइत्रा, शशि पांजा और प्रतिमा मंडल जैसे सांसदों को टीएमसी ने परिसीमन तथा महिला आरक्षण में फर्क होने के जवाबी नैरेटिव अभियान में मोर्चा संभालने के लिए लगाया।
TMC ने भी दी प्रतिक्रिया
राज्यसभा में टीएमसी के नेता डेरेक ओब्रायन ने एक्स पोस्ट में अखिलेश यादव की प्रेस कांफ्रेंस का वीडियो लिंक साझा करते हुए कहा भी कि समान विचारधारा वाली पार्टियां भाजपा का पर्दाफाश कर रही हैं। कांग्रेस दफ्तर 24 अकबर रोड पर पार्टी सोशल मीडिया विभाग की प्रमुख सुप्रिया श्रीनेत ने प्रेस कांफ्रेंस में हमला बोलते हुए कहा कि मोदी सरकार ने तीन बिल एक साथ जोड़कर पेश किए और ये महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन बिल पास कराना चाहते थे।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 पहले ही कानून बन चुका है और इसलिए महिला आरक्षण बिल हारा नहीं है परिसीमन बिल हारा है।राहुल गांधी समेत कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के घर के सामने भाजपा के विरोध प्रदर्शन के प्रति उत्तर में दिल्ली कांग्रेस ने रविवार को कुछ उसी तरह महिला आरक्षण वर्तमान स्थिति में ही लागू करने के लिए जवाबी विरोध प्रदर्शन किया।