हिमाचल में पंचायत चुनावों का आज दोपहर बाद एलान हो सकता है। राज्य निर्वाचन आयोग दोपहर 3.30 बजे राज्य सचिवालय में प्रेस वार्ता कर तारीखों का एलान करेगा। सुप्रीम कोर्ट ने 31 मई से पहले चुनाव करवाने के आदेश दिए हैं। 31 जनवरी को पंचायतों का कार्यकाल खत्म हो चुका है। शिमला में राज्य सचिवालय में स्टेट इलेक्शन कमिश्नर अनिल खाची की ओर से प्रेस वार्ता की जाएगी। हिमाचल प्रदेश में तीन चरण में चुनाव करवाने की तैयारी है। इसके अलावा शहरी निकाय के चुनाव अलग से करवाने की भी योजना है। राज्य निर्वाचन आयुक्त पत्रकार वार्ता के दौरान सारी जानकारी साझा करेंगे, जिसमें आदर्श चुनाव आचार संहिता कब से लागू होगी और चुनाव का शेड्यूल क्या रहेगा।
प्रदेश में इस बार पंचायतीराज के चुनाव के लिए 30 चुनाव चिह्न निर्धारित किए गए हैं। इनके आधार पर प्रत्याशी मैदान में उतरेंगे। किसी भी उम्मीदवार को अपनी पसंद का चुनाव चिह्न चुनने की सुविधा नहीं होगी। सभी चिह्न निर्धारित प्रक्रिया के तहत सीरियल वाइज आवंटित किए जाएंगे। निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की अंतिम तिथि पूरी होने के बाद ही चुनाव चिह्नों का आवंटन किया जाएगा। यह जिम्मेदारी संबंधित सहायक निर्वाचन अधिकारी की होगी। वे नियमों के अनुसार प्रत्याशियों को चिह्न बांटेंगे। प्रशासन का मानना है कि सीरियल वाइज आवंटन से चुनाव प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनेगी।
उम्मीदवारों को चुनाव चिह्न मिलने के बाद ही ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत राजनीति तेज हो जाएगी। फिलहाल एक पंचायत में 8 से 10 लोग प्रधान और उपप्रधान पद के लिए दावेदारी जता रहे हैं। कई स्थानों पर सहमति बनाने के प्रयास भी चल रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी संभावित उम्मीदवारों की सक्रियता बढ़ गई है। खासकर युवा वर्ग पंचायत प्रधान, पंचायत समिति और जिला परिषद चुनाव में बढ़-चढ़कर दावेदारी पेश कर रहा है। इससे चुनावी माहौल पहले से ही गर्म होने लगा है।