राज्य ब्यूरो, कोलकाता। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल दिवस के अवसर पर एक विशेष संदेश जारी करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को बांग्ला भाषा में पांच पन्नों का पत्र लिखकर राज्यवासियों को शुभकामनाएं दी हैं।
इस पत्र में प्रधानमंत्री ने बंगाल के ऐतिहासिक गौरव, राष्ट्रवाद और डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि औपनिवेशिक भारत में सबसे पहले बंगाल से ही ‘वंदे मातरम’ की गूंज उठी थी।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में हालिया बंगाल विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि अप्रैल-मई में राज्य के लोगों ने ऐसा जनादेश दिया है, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
उन्होंने कहा कि रिकार्ड मतदान, महिलाओं और युवाओं की अभूतपूर्व भागीदारी इस चुनाव की खास पहचान रही। प्रधानमंत्री ने कहा कि जनता ने भाजपा को आशीर्वाद देते हुए उम्मीद जताई है कि बंगाल अब सुशासन, विकास और नई आशाओं की राजनीति की ओर आगे बढ़ेगा।
मोदी ने कहा कि राज्य के लोगों की इच्छा है कि बंगाल अपना खोया हुआ गौरव फिर हासिल करे, जो पुरानी और अप्रासंगिक विचारधाराओं के कारण कमजोर पड़ गया था।
उन्होंने यह भी कहा कि यह जनादेश ऐसे समय आया है जब देश डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती मना रहा है, जिससे इसका महत्व और बढ़ जाता है।
‘वंदे मातरम’ का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जब भारत अंग्रेजी शासन के दमन का सामना कर रहा था, तब बंगाल से उठी यह आवाज पूरे देश के लिए प्रेरणा बनी।
उन्होंने याद दिलाया कि इस वर्ष वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे हो रहे हैं। हाल ही में अपनी स्लोवाकिया यात्रा का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि वहां स्लोवाक गायकों ने इस गीत को बेहद सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया, जो इसकी अंतरराष्ट्रीय लोकप्रियता को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल दिवस पर राज्य की उन सभी महान विभूतियों को भी नमन किया, जिन्होंने भारत के विकास और समृद्धि में अहम योगदान दिया है।
गौरतलब है कि बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद नई भाजपा सरकार ने इस वर्ष पहली बार राज्य में बड़े स्तर पर पश्चिम बंगाल दिवस का भव्य आयोजन किया। हुगली जिले के तारकेश्वर में शनिवार शाम आयोजित पश्चिम बंगाल दिवस समारोह में पीएम मोदी भी शामिल हुए।