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पहले शरद पवार की NCP का विलय, फिर NDA में एंट्री… महाराष्ट्र के लिए बीजेपी का प्लान तैयार

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Jul 18, 2026


डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। महाराष्ट्र में इन दिनों राजनीतिक उथल-पुथल मची हुई है। अटकलें लगाई जा रही हैं कि शरद पवार की पार्टी एनसीपी एनडीए में शामिल हो सकती है। इन सब के बीच खबर आ रही है कि इसके लिए बीजेपी ने बड़ा प्लान बनाया है।

सूत्रों ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेताओं का हवाला देते हुए कहा कि नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के शरद पवार गुट का नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (एनडीए) के साथ आधिकारिक तौर पर जुड़ने के लिए एनसीपी के दो विरोधी गुटों का फिर से एक होना जरूरी होगा।

क्या है बीजेपी का प्लान?

सूत्रों के मुताबिक, पार्टी का मानना है कि एनसीपी को एनडीए के साथ करीबी रिश्ते बनाने पर तभी विचार किया जाएगा जब दोनों गुट अपने मतभेद सुलझा लेंगे और एक हो जाएंगे। सूत्रों का कहना है कि शरद पवार या उनके खास साथियों को अकेले गठबंधन में लाने की कोई खास इच्छा नहीं है।

उधर, महाराष्ट्र में बीजेपी और एकनाथ शिंदे वाली शिवसेना के साथ मिलकर सरकार चलाने वाली एनसीपी भी अपनी उम्मीदों को लेकर मुखर है। शुक्रवार को पार्टी ने कहा कि उसके कार्यकर्ता चाहते हैं कि अप्रैल में शपथ लेने वाले राज्यसभा सदस्य पार्थ पवार को भविष्य में होने वाले किसी भी कैबिनेट विस्तार के दौरान केंद्रीय मंत्रिपरिषद में शामिल किया जाए।

क्या कहता है संसदीय गणित?

यह नई अटकलें एनडीए सरकार की उस योजना के साथ सामने आई हैं, जिसके तहत सोमवार से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक पेश किया जाना है। इस विधेयक का मकसद लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 850 करना और नए सिरे से परिसीमन की प्रक्रिया शुरू करना है।

एनसीपी (एसपी) के पास लोकसभा में आठ और राज्यसभा में एक सीट है। सरकार के लिए उसका समर्थन या कम से कम उसका तटस्थ रहना अहम साबित हो सकता है।

पार्टी की कार्यकारी अध्यक्ष और बारामती से सांसद सुप्रिया सुले ने इस हफ्ते की शुरुआत में कहा कि अगर प्रस्तावित परिसीमन सभी राज्यों में सीटों में एक समान 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी पर आधारित होता तो इसका विरोध करने का कोई खास कारण नहीं होता। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी फैसला इंडी गठबंधन के भीतर आपसी बातचीत के बाद ही लिया जाएगा और पार्टी ने समर्थन का कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया है।

बैठकों का दौर

बुधवार देर रात महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सरकारी आवास पर एनसीपी के दोनों गुटों के नेताओं के बीच हुई बैठक के बाद राजनीतिक चर्चाओं ने और जोर पकड़ लिया। सूत्रों के अनुसार, बातचीत किसी पुनर्गठन रणनीति का हिस्सा होने के बजाय विशिष्ट मुद्दों पर केंद्रित थी।

एनसीपी (एसपी) नेता जयंत पाटिल ने पुष्टि की कि उन्होंने सांगली जिले में अपने चुनाव क्षेत्र से जुड़े स्थानीय प्रशासनिक मामले पर चर्चा करने के लिए मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी।

वहीं, पाटिल ने एकनाथ शिंदे से भी मुलाकात की और उनसे उरुन-इस्लामपुर नगर परिषद के अध्यक्ष आनंदराव मालगुंडे और पार्षद सुनील मालगुंडे को कथित अतिक्रमण मामले में अयोग्य ठहराए जाने के संबंध में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया।

खबर है कि शरद पवार ने खुद पिछले हफ्ते डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के ऑफिस में अपने विधायकों के साथ बैठक की थी। सुले ने इस जगह के चुनाव को महज एक इत्तेफाक बताया।

बता दें कि यह घटनाक्रम महाराष्ट्र में राजनीतिक रूप से फिर से एकजुट होने की चर्चाओं के बीच सामने आया है। इन चर्चाओं को एनसीपी के दोनों गुटों के नेताओं और सत्ताधारी खेमे के अहम लोगों के बीच हाल ही में हुई मुलाकातों से और बढ़ावा मिला है।

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