इमेज कैप्शन, आशा भोसले का 92 साल की उम्र में रविवार को निधन हो गया….में
रविवार को जैसे ही मशहूर गायिका आशा भोसले के निधन की खबरें सामने आईं, भारत ही नहीं बल्कि पाकिस्तान समेत दुनिया भर में उनके प्रशंसकों ने गहरा दुख जताया.
पाकिस्तानी कलाकार भी उन लोगों में शामिल रहे जिन्होंने इस खबर पर शोक ज़ाहिर किया. दुनिया के कई टीवी चैनलों ने उनके निधन पर रिपोर्ट प्रसारित की. पाकिस्तान का जियो न्यूज़ भी इनमें शामिल था.
हालांकि, चैनल प्रबंधन का कहना है कि उसे आशा भोसले से जुड़े कंटेंट के प्रसारण पर पाकिस्तान के इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेगुलेटर पेमरा (पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेगुलेटरी अथॉरिटी) की ओर से शो-कॉज नोटिस मिला है.
जियो न्यूज़ के मैनेजिंग डायरेक्टर अज़हर अब्बास ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर इसकी पुष्टि करते हुए लिखा, “हमेशा से परंपरा रही है कि जब किसी महान कलाकार पर रिपोर्टिंग होती है तो उसके काम को याद किया जाता है और सराहा जाता है. लेकिन फिर भी पेमरा ने इसे बैन करना चुना.”
हालांकि पेमरा ने इस नोटिस को सही ठहराया.
बीबीसी उर्दू ने जब पेमरा के प्रवक्ता से इस बारे में पूछा तो उन्होंने कहा, “किसी कलाकार के निधन की खबर दिखाने पर पेमरा को कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन उसके साथ फ़िल्मी गाने चलाना कैसी पत्रकारिता है?”
सोशल मीडिया पर क्या प्रतिक्रिया है?
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इमेज कैप्शन, जियो न्यूज़ के मैनेजिंग डायरेक्टर अज़हर अब्बास ने एक्स पर नोटिस मिलने की बात कही
जियो के मैनेजिंग डायरेक्टर की पोस्ट सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कई यूज़र पेमरा की आलोचना करते दिखे.
सिंध के पूर्व गवर्नर मोहम्मद ज़ुबैर ने लिखा, “आज आशा भोसले के गाने दिखाने पर नोटिस भेजे जा रहे हैं, कल कहा जाएगा कि पाकिस्तानी चैनल पर विराट कोहली की बल्लेबाज़ी की तारीफ़ वाला कंटेंट क्यों चलाया गया.”
यूज़र मोना आलम ने लिखा, “आशा भोसले एक ऐसी दिग्गज कलाकार हैं जिनका संगीत सरहदों से परे है.
मुझे खुशी है कि जियो ने उनके निधन पर उन्हें नहीं भुलाया, क्योंकि यह मेरे जैसे लाखों पाकिस्तानियों की भावना है जो आशा जी को सुनते हुए बड़े हुए हैं.”
हालांकि कुछ यूज़र ऐसे भी हैं जिन्होंने जियो की रिपोर्टिंग के तरीके पर सवाल उठाए.
यूज़र मीना ग़ौरी ने लिखा, “मैंने यह क्लिप देखी, मौजूदा हालात के हिसाब से यह काफी लंबी थी. मुझे भी आशा भोसले पसंद हैं, लेकिन असहजता इस बात से हुई कि सिर्फ़ उनकी आवाज़ नहीं, बल्कि फ़िल्माए गए गाने दिखाए जा रहे थे.”
जियो न्यूज़ और पेमरा का पक्ष
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इमेज कैप्शन, सोमवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ आशा भोसले का मुंबई में अंतिम संस्कार किया गया
शो-कॉज नोटिस में पेमरा ने जियो न्यूज़ के अधिकारियों को 27 अप्रैल को व्यक्तिगत रूप से या वकील के जरिए पेश होने का आदेश दिया है.
नोटिस में कहा गया है कि भारतीय गायिका आशा भोसले के निधन की खबर के साथ उनके गाए गीतों के फ़िल्मी क्लिप भी प्रसारित किए गए.
पेमरा ने नोटिस में अक्तूबर 2018 में पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट के उस फ़ैसले का भी हवाला दिया है जिसमें पाकिस्तानी चैनलों पर किसी भी तरह के भारतीय कंटेंट के प्रसारण पर रोक लगाई गई थी.
यह फ़ैसला तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश मियां साकिब निसार की अगुवाई वाली बेंच ने दिया था.
पेमरा के मुताबिक़, इस प्रसारण से न सिर्फ़ अदालत के फ़ैसले का उल्लंघन हुआ बल्कि पेमरा ऑर्डिनेंस 2002 की धारा 20 का भी उल्लंघन हुआ.
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वीडियो कैप्शन, आशा भोसले: अंतिम दर्शन के लिए पहुंचीं ये हस्तियां
नोटिस पर प्रतिक्रिया देते हुए अज़हर अब्बास ने लिखा, “जिस तरह ज्ञान, उसी तरह कला भी इंसानियत की साझा विरासत है और इसे सरहदों में क़ैद नहीं किया जाना चाहिए.”
उन्होंने आगे कहा, “आशा भोसले खुद पाकिस्तान की महान गायिका नूरजहां को पसंद करती थीं और उन्हें अपनी बड़ी बहन कहती थीं. उन्होंने नुसरत फ़तेह अली ख़ान के साथ काम किया था और नासिर काज़मी जैसे बड़े उर्दू शायरों की शायरी की भी तारीफ़ की थी.”
बीबीसी उर्दू से बातचीत में अज़हर अब्बास ने कहा कि एक्स पर की गई पोस्ट उन्होंने एक पत्रकार के तौर पर लिखी थी, लेकिन पेमरा के नोटिस का उनकी संस्था क़ानूनी जवाब देगी.
वहीं पेमरा का कहना है कि नोटिस पूरी तरह सही है.
एजेंसी के प्रवक्ता ने बीबीसी उर्दू से कहा, “दुनिया में कहीं भी ऐसा नहीं होता कि किसी महान कलाकार के निधन पर चार-पांच मिनट का ऐसा पैकेज चलाया जाए जिसमें सिर्फ़ फ़िल्मी गाने हों.”
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के मुताबिक़ पाकिस्तान में भारतीय कंटेंट प्रसारित नहीं किया जा सकता, और इसी आधार पर निजी टीवी चैनलों को नोटिस जारी किए गए हैं.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़ रूम की ओर से प्रकाशित