11:28 AM, 14-Apr-2026
भारत में ईरानी प्रतिनिधि बोले- अमेरिका की नीयत पर शुरुआत से था शक
भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने अमेरिका और ईरान के बीच बीच जारी संघर्ष और अस्थायी युद्धविराम (सीजफायर) को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि शुरुआत से ही ईरान को इस सीजफायर और अमेरिका की बातचीत की नीयत पर शक था। उनके अनुसार, अमेरिका बातचीत के लिए नहीं, बल्कि अपनी शर्तें थोपने के लिए आया था। इलाही ने कहा कि ईरान को पहले से ही अंदेशा था कि यह प्रक्रिया वास्तविक शांति वार्ता नहीं है। उन्होंने यह भी दोहराया कि ईरान हमेशा शांति चाहता है, लेकिन उसके साथ न्यायपूर्ण और भरोसेमंद बातचीत होनी चाहिए।
09:54 AM, 14-Apr-2026
इस्राइल का लेबनान पर हमला
इस्राइल की ओर से किए गए हवाई हमलों में लेबनान के दक्षिणी हिस्से में स्थित एक अस्पताल को नुकसान पहुंचा है। यह घटना तेबनिन सरकारी अस्पताल में हुई, जहां हमले के बाद भारी तबाही देखी गई। मीडिया रिपोर्ट्स और वीडियो फुटेज के अनुसार अस्पताल के अंदर गलियारों में मिट्टी, कांच के टुकड़े और मलबा फैल गया। कई कमरों में मेडिकल उपकरण भी पलट गए और क्षतिग्रस्त हो गए। अस्पताल के बाहर खड़ी कुछ गाड़ियां भी गिरते मलबे की वजह से टूट गईं। स्थानीय समाचार एजेंसी एनएनए ने बताया कि इस हमले में कुछ लोग घायल हुए हैं और हताहत होने की भी खबर है।
09:39 AM, 14-Apr-2026
भारत-जर्मनी के बीच विदेश मंत्रालय स्तर की अहम बैठक
भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री पहुंचे हैं, जहां भारत और जर्मनी के बीच विदेश मंत्रालय स्तर की बैठक होगी। यह दौरा जनवरी 2026 में जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के भारत दौरे के बाद हो रहा है।
09:33 AM, 14-Apr-2026
रूस और ईरान के विदेश मंत्रियों की बातचीत
रूस के विदेश मंत्री सर्जियो लावरोव ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से फोन पर बात की। इस बातचीत में रूस ने कहा कि क्षेत्र में फिर से युद्ध जैसी स्थिति नहीं बननी चाहिए। रूस ने यह भी साफ किया कि वह इस संकट को शांति से सुलझाने में पूरी मदद करने के लिए तैयार है।
09:26 AM, 14-Apr-2026
West Asia Live: इस्राइल-लेबनान वार्ता में शामिल होंगे रुबियो; रूस बोला- शांति वार्ता में मदद करने के लिए तैयार
अमेरिका में इस्राइल और लेबनान के बीच अहम बातचीत होने जा रही है। इसमें अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भी शामिल होंगे। इस बैठक का मकसद इस्राइल की उत्तरी सीमा पर सुरक्षा सुनिश्चित करना और लेबनान को अपने देश पर पूरा नियंत्रण वापस दिलाने में मदद करना है। अमेरिका का कहना है कि यह संघर्ष लेबनान से नहीं, बल्कि हिजबुल्ला से है, इसलिए बातचीत जरूरी है। वहीं, इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि वे शांति समझौते के लिए तैयार हैं, लेकिन ईरान और उसके समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।