डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाले भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आइ4सी) ने सोमवार को अलर्ट जारी किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और राज्यों के मुख्यमंत्रियों के डीपफेक वीडियो का इस्तेमाल कर अपराधी साइबर फ्रॉड कर रहे हैं।
फेसबुक और इंस्टाग्राम पर फर्जी विज्ञापनों के जरिये लोगों से ठगी की जा रही है। लोग फर्जी सरकारी योजनाओं के तहत आर्थिक मदद का वादा करते हैं और लोगों को झांसे में ले लेते हैं।
विज्ञापनों के जरिये फाइनेंशियल फ्रॉड बढ़ रहा- आइ4सी
आइ4सी ने बताया कि राष्ट्रीय साइबर अपराध खतरा विश्लेषण इकाई (एनसीटीएयू) ने पाया है कि ऐसे विज्ञापनों के जरिये फाइनेंशियल फ्रॉड बढ़ रहा है जिनमें जरूरतमंदों को वित्तीय सहायता देने का वादा करने वाली कथित सरकारी योजनाओं का प्रचार किया जाता है। इन विज्ञापनों में जानी-मानी सार्वजनिक और राजनीतिक हस्तियों का रूप धरा जाता है।
चेतावनी में कहा गया- ” यह विज्ञापन भारत के प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री, राज्यों के मुख्यमंत्रियों सहित जाने-माने आम और राजनीतिक हस्तियों की नकल करके फर्जी सरकारी कल्याणकारी योजनाओं को प्रमोट करते हैं और फाइनेंशियल मदद का वादा करते हैं।”
इसमें आगे कहा गया है कि टैक्स, प्रोसेसिंग फीस या रजिस्ट्रेशन चार्ज के नाम पर रकम मांगी जाती है। इसके साथ ही साइबर ठग स्क्रैच कार्ड और स्पिन एंड विन जैसी स्कीमों के जरिए कैश बैक का लालच भी देते हैं।
पीड़ितों को इन विज्ञापनों के माध्यम से धोखाधड़ी वाली वेबसाइटों पर भेजा जाता है, जहां उनसे बार-बार भुगतान कराया जाता है। कई मामलों में पीड़ितों को विदेशी नंबरों से फोन आते हैं, जिनमें अधिकांश पाकिस्तान के देश कोड +92 से शुरू होते हैं।
सरकार की आधिकारिक वेबसाइटों पर करें योजनाओं की पुष्टि
आइ4सी ने लोगों को सलाह दी है कि वे इंटरनेट मीडिया पर दिखने वाले विज्ञापनों पर कोई भी कदम उठाने से पहले संबंधित सरकारी विभागों की आधिकारिक वेबसाइटों पर कल्याणकारी योजनाओं की पुष्टि करें। अनजान व्यक्तियों के साथ व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से भी बचें।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)