सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उस याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया, जिसमें पेट्रोल पंपों पर दिए जाने वाले पेट्रोल में मिलाए गए इथेनॉल की सटीक मात्रा को अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने की मांग की गई थी। याचिका में यह भी मांग की गई थी कि पेट्रोल की रसीद, बिल और अन्य दस्तावेजों पर इथेनॉल का प्रतिशत स्पष्ट रूप से दर्ज किया जाए।