जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। मेडिकल कोर्सों में प्रवेश के लिए आयोजित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) पेपर लीक और अब विश्वविद्यालय अनुदान आयोग-राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (यूजीसी-नेट) के पेपरों में गड़बड़ियों के बाद एनटीए ने प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर उसका अनुवाद करने वाले करीब 600 विशेषज्ञों और प्रोफेसरों की टीम को हटा दिया है।
उनकी जगह अब विशेषज्ञों की नई टीम गठित की जाएगी। इसके साथ ही नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया को भी और सख्त करने का फैसला लिया है। इसमें आगे से चार स्तरीय जांच प्रणाली लागू की जाएगी ताकि प्रश्नपत्रों के लीक होने से लेकर उसमें गड़बड़ियों की कोई गुंजाइश ही न रहे।
शिक्षा मंत्री ने एनटीए को लगाई फटकार
एनटीए ने यह कदम सोमवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी की फटकार और परीक्षाओं में लगातार मिल रही गड़बड़ियों के मुद्दे पर बुलाई गई बैठक के बाद उठाया है। जोशी ने पिछले महीने शिक्षा मंत्री का कार्यभार उस वक्त संभाला था, जब नीट-यूजी प्रश्नपत्र विवाद को लेकर हुए विरोध-प्रदर्शनों के बाद उनके पूर्ववर्ती धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा था।
हाल ही में यूजीसी-नेट के अंग्रेजी, कॉमर्स व समाजशास्त्र के प्रश्नपत्रों में मिली ढेरों गड़बड़ियों के बाद इन्हें भी रद कर दिया गया था। इसके चलते भी एनटीए के प्रश्नपत्र तैयार करने के तरीके पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे थे।
मंत्री के निर्देशों के बाद एनटीए महानिदेशक अभिषेक सिंह ने मंत्रालय को एजेंसी की ओर से की गई कार्रवाई के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि परीक्षा टीम में बदलाव किया गया है, जिसके तहत 600 विशेषज्ञों को हटाते हुए उनकी जगह नए विशेषज्ञ शामिल किए जा रहे हैं। इसके साथ ही एनटीए ने अगले दो से तीन हफ्तों के भीतर 20 से 25 नए अधिकारियों की तैनाती होने की भी जानकारी दी है।
सुरक्षा के लिए सीआईएसएफ की होगी तैनाती
शिक्षा मंत्रालय ने इस बीच बताया है कि एनटीए के कार्यालय राष्ट्रीय राजधानी में ओखला से मिंटो रोड पर स्थानांतरित किया जाएगा। वहां सुरक्षा के लिए सीआईएसएफ की तैनाती की जाएगी। अभी एनटीए की सुरक्षा व्यवस्था निजी एजेंसियों के हाथों में थी। ऐसे में वहां आसानी से किसी की भी आवाजाही हो जाती है।
दर्जनों परीक्षा कराती है एनटीए, एक करोड़ छात्र होतें है शामिल
एनटीए के जिम्मे नीट-यूजी, यूजीसी नेट, कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी), ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन-मेन (जेईई मेन) सहित दर्जनों प्रवेश परीक्षाओं का जिम्मा है। इसमें हर साल करीब एक करोड़ छात्र शामिल होते हैं। इससे पहले एनटीए अपने यहां संविदा पर तैनात करीब 50 अधिकारियों-कर्मचारियों को भी हटा चुकी है।
स्थापित परीक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश
शिक्षा मंत्रालय ने निर्देश दिया है कि स्थापित परीक्षा प्रोटोकल का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। गोपनीयता और तकनीकी संचालन को लीक-प्रूफ बनाने के लिए सुरक्षित कमरों, एयर-गैप्ड कंप्यूटर सिस्टम का युद्ध स्तर पर क्रियान्वयन किया जाए।
एनटीए को सभी परीक्षा प्रक्रियाओं का एक व्यापक ऑडिट करने और उठाए गए सुधारात्मक कदमों पर एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए भी कहा गया है। यहां यह भी बता दें कि नीट पेपर लीक विवाद के बाद उठाए गए कदमों के तहत एनटीए ने जुलाई में 47 अधिकारियों को बर्खास्त किया था। बाद में उसने तीन और अधिकारियों को सेवामुक्त किया।