डिजिटल डेस्क, बेंगलुरु। एयरपोर्ट और कई शॉपिंग मॉल में बम धमाके की धमकी देने वाले को कर्नाटक हाई कोर्ट ने राहत नहीं दी। कोर्ट ने उस पर दर्ज आपराधिक मामले में छूट से इनकार कर दिया है।
कोर्ट ने इस मामले में कहा कि धमकी देने वाले का हमले का इरादा नहीं था तो भी इस आधार पर ऐसी धमकी को हल्के में नहीं लिया जा सकता।
जज एम. नागप्रसन्ना की एकल पीठ ने कहा कि लोगों में डर और भय इस तरह की धमकियों से पैदा होता है। इससे सार्वजनिक व्यवस्था पर असर पड़ता है। उनके प्रभावित होने से पुलिस तथा सुरक्षा एजेंसियों को जांच में अपने संसाधन लगाने पड़ते हैं।
नहीं किया जा सकता नजरअंदाज
ऐसी किसी धमकी को केवल झूठा मानकर एजेंसी उसे अनदेखा नहीं कर सकती हैं। उन्हें इसकी प्रामाणिकता जांचनी होती है। लोगों की जिंदगियां दांव पर रहती हैं।
पुलिस को मिला था धमकी का ईमेल
बम धमाके की धमकी देने वाले शख्स ने 30 नवंबर 2025 को बेंगलुरु पुलिस आयुक्त को एक ईमेल किया था। इसमें प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का नाम लेकर केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे सहित कई मॉल में शाम सात बजे के बाद धमाके की बात कही थी। ऐसी चेतावनी के बाद पुलिस में अफरातफरी मच गई थी।
इंटरनेट नहीं चलने का किया दावा
पुलिस का आरोप था कि युवक ने कई फर्जी ईमेल बना रखे थे। आरोपी ने दावा किया कि घटना वाले दिन उसका इंटरनेट नहीं चल रहा था। इस पर कोर्ट ने कहा कि ये मुकदमे के दौरान जांच होने पर पता चलेगा। इसके साथ ही कोर्ट ने आरोपी को राहत देने से इनकार कर दिया।
बीते कुछ समय पहले दिल्ली-एनसीआर में भी इस तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं। पुलिस को लगातार ऐसे कई कॉल मिले। हालांकि राहत की बात ये रही कि किसी भी सूचना को सही नहीं पाया गया। जांच के बाद सभी कॉल फर्जी पाए गए।