पीटीआई, छत्रपति संभाजीनगर। बांबे हाई कोर्ट में लिपिक पद पर भर्ती के लिए आयोजित आनलाइन टाइपिंग टेस्ट में शामिल हुए कई अभ्यर्थियों ने परीक्षा के दौरान तकनीकी और सर्वर संबंधी समस्याओं का आरोप लगाते हुए रविवार को छत्रपति संभाजीनगर में विरोध प्रदर्शन किया।
इस प्रदर्शन में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संयोजक अभिजीत दीपके भी शामिल हुए। दीपके ने आरोप लगाया कि कई अभ्यर्थियों को बिना उनकी किसी गलती के अनुत्तीर्ण घोषित कर दिया गया, जिसके बाद उन्होंने परीक्षा दोबारा आयोजित कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
छात्र 10 मिनट में लाग आउट हो गए, सिस्टम फेल हो गया। दीपके ने सवाल किया, अगर आप ऑनलाइन परीक्षाएं आयोजित करने में सक्षम नहीं हैं, तो आप परीक्षाएं क्यों आयोजित कर रहे हैं और छात्रों का भविष्य क्यों बर्बाद कर रहे हैं?
बांबे हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार (कार्मिक) की ओर से जारी सूचना में कहा गया है कि लिपिक (एजेंसी के जरिये) के पद के लिए टाइपिंग परीक्षा सुचारू रूप से आयोजित की गई, हालांकि कुछ परीक्षा केंद्रों, खासकर औरंगाबाद और कल्याण में, कुछ तकनीकी दिक्कतें सामने आईं।
इस प्रक्रिया से संबंधित तकनीकी मुद्दों की जांच की जा रही है, और उम्मीदवारों को आगे की उचित कार्रवाई के बारे में सूचित किया जाएगा।
अभ्यर्थियों ने शिकायत की कि परीक्षा के दौरान कंप्यूटर सही तरह से काम नहीं कर रहा था। कुछ का कहना था कि उनकी कंप्यूटर की स्क्रीन पीली दिखने लगी और कीबोर्ड ने भी काम करना बंद कर दिया था।
इस गड़बड़ी की जानकारी मिलने के बाद दीपके छत्रपति संभाजीनगर के सुराणा नगर इलाके में स्थित परीक्षा केंद्र पहुंचे और प्रभावित अभ्यर्थियों से मुलाकात की।
दीपके ने कहा, जब तक इन अभ्यर्थियों की मांगें पूरी नहीं हो जातीं, मैं उनके साथ यहीं रहूंगा। अगर उन्होंने धरना प्रदर्शन पर बैठने का फैसला किया है, तो मैं उनका समर्थन करूंगा।