नीलू रंजन, नई दिल्ली। पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया पूरे होते ही नितिन नवीन की नई टीम का एलान हो जाएगा। मोटे तौर पर टीम की रूपरेखा तैयार हो गई है, विधानसभा चुनाव परिणामों के अनुरूप इनमें थोड़ा-बहुत फेरबदल किया जा सकता है।
भाजपा के एक नेता के अनुसार नितिन नवीन की नई टीम में दो-तीन अनुभवी चेहरों के साथ युवा जोश का समन्वय देखने को मिल सकता है। 20 जनवरी को राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद संभालने के बाद से नितिन नवीन पुरानी टीम के साथ ही काम कर रहे हैं।
नितिन नवीन की नई टीम
भाजपा के एक बड़े नेता के अनुसार, नितिन नवीन की टीम का एलान 15 मई के पहले कभी भी हो सकता है। भाजपा के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बने नितिन नवीन टीम में युवा चेहरों की भरमार हो सकती है। इनमें अनुराग ठाकुर का नाम सबसे ऊपर है।
भारतीय जनता युवा मोर्चा में अहम पदों पर रहे ठाकुर के पास सरकार में काम करने का भी लंबा अनुभव है। वहीं तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक के उम्मीद से ज्यादा खराब प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए भाजपा फिर से एकला चलो की नीति पर आगे बढ़ सकती है। ऐसे में अन्नामलाई को संगठन में अहम पद मिल सकता है। अन्नाद्रमुक के साथ खराब संबंधों के कारण गठबंधन का रास्ता साफ करने के लिए उन्हें प्रदेश अध्यक्ष पद से हटा दिया गया था।
इसी तरह से बंगाल में पार्टी के बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद के बीच चुनावी तैयारियों के दौरान राज्य में सांगठनिक ढांचे को और मजबूत करने की जरूरत महसूस की गई। ऐसे में बंगाल से भी किसी चुवा चेहरे को केंद्रीय संगठन में जगह मिल सकती है। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद उनके नाम तय किए जाएंगे।
विभिन्न राज्यों की चुनाव तैयारियों में अहम भूमिका निभाने वाले त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री विपल्व देव को भी नितिन नवीन की टीम में जगह मिल सकती है। अगले वर्ष त्रिपुरा विधानसभा चुनाव को देखते हुए इसे अहम माना जा रहा है।
भाजपा अध्यक्ष की टीम में होगा युवा जोश
नितिन नवीन की टीम में युवा जोश के साथ अनुभव के समन्वय की बात कही जा रही है। ऐसे में माना जा रहा है कि मौजूदा महासचिवों में से दो या तीन को बरकरार रखा जा सकता है। इनमें सुनील बंसल का नाम सबसे ऊपर है।
बंगाल में भाजपा की जीत की स्थिति में एक बार फिर पार्टी में उनकी उपयोगिता साबित हो जाएगी। वह बंगाल के प्रभारी महासचिव हैं। 2024 में ओडिशा के प्रभारी महासचिव के रूप में पहली बार भाजपा की सरकार बनी थी। उसके पहले उत्तर प्रदेश में वह अपनी संगठनात्मक क्षमता का प्रदर्शन कर चुके हैं। सुनील बंसल राजस्थान से आते हैं।
इसी तरह प्रभारी के रूप में बिहार में पांचवी बार राजग की सरकार बनवाने में अहम भूमिका निभाने वाले महाराष्ट्र के बड़े नेता विनोद तावड़े भी महासचिव के रूप में बने रह सकते हैं। वहीं अगले वर्ष पंजाब में विधानसभा चुनाव को देखते हुए तरुण चुग के भी महासचिव के पद बने रहने की बात कही जा रही है।