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भारत में क्या है मौसम का हाल?:विदाई से पहले फिर बदला मानसून, एमपी-यूपी में बारिश तो राजस्थान में बढ़ी गर्मी – India Weather Update: Monsoon Changes Before Withdrawal, Rain In Mp-up While Heat Rises In Rajasthan

Byadmin

Sep 24, 2026


मानसून की विदाई का समय नजदीक आते ही देश के कई राज्यों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में बारिश का एक और दौर शुरू होने वाला है, जबकि राजस्थान में मानसून की वापसी के साथ गर्मी ने जोर पकड़ लिया है। हिमाचल प्रदेश में भी पश्चिमी विक्षोभ के असर से बारिश और तेज हवाओं का दौर आने की संभावना है। मध्य प्रदेश में 25 और 26 सितंबर को भारी से अति भारी बारिश का अनुमान है, जबकि उत्तर प्रदेश में 26 सितंबर को कई इलाकों में अति भारी बारिश का अलर्ट है।

मध्य प्रदेश में फिर बारिश क्यों बढ़ेगी?

मध्य प्रदेश में बंगाल की खाड़ी में बने अवदाब के कारण बारिश की गतिविधियां बढ़ने वाली हैं। 25 और 26 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में इसका ज्यादा असर रहने का अनुमान है। गुरुवार को छतरपुर, पन्ना, सतना, उमरिया, शहडोल, डिंडोरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी और छिंदवाड़ा में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सागर समेत कई अन्य जिलों में भी बारिश हो सकती है। प्रदेश में अब तक 870.5 मिलीमीटर यानी 34.3 इंच बारिश हुई है, जो सामान्य 36.7 इंच से 2.4 इंच कम है। यानी बारिश करीब सात प्रतिशत कम है। 23 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज हुई है, जबकि पश्चिमी हिस्से के कुछ जिलों में कमी 8 से 50 प्रतिशत तक है।


राजस्थान में बारिश की जगह गर्मी क्यों बढ़ी?

राजस्थान में मानसून की वापसी तेजी से आगे बढ़ रही है, लेकिन इसके साथ पश्चिमी हिस्सों में गर्मी बढ़ गई है। बुधवार को जैसलमेर में अधिकतम तापमान 42.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। बाड़मेर में तापमान 42.4 डिग्री रहा, जिसे सितंबर में पिछले 10 वर्षों का सबसे अधिक तापमान बताया गया है। जोधपुर में 40.6 डिग्री और उदयपुर में 36 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। पश्चिमी राजस्थान में तेज पश्चिमी हवाओं के कारण तापमान बढ़ा है। 24 सितंबर को प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। 25 सितंबर को श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ में कुछ जगह हल्की बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। 27 सितंबर से जयपुर, अजमेर, कोटा, भरतपुर और बीकानेर संभाग में कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।

हिमाचल में कब बदलेगा मौसम?

हिमाचल प्रदेश में 24 सितंबर से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण मौसम बदलने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 29 सितंबर तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हो सकती है। 26 और 27 सितंबर को शिमला, सोलन, सिरमौर, बिलासपुर, कुल्लू, मंडी और किन्नौर में अंधड़ को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान तेज हवाओं के साथ मौसम अचानक बदल सकता है। बुधवार को प्रदेश में मौसम साफ रहा और धूप खिली रही। ऊना और बिलासपुर में अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसी सप्ताह हिमाचल से मानसून की पूरी तरह विदाई की संभावना भी जताई गई है।



उत्तर प्रदेश में बारिश और वज्रपात का क्या अलर्ट?

उत्तर प्रदेश में भी गुजरते मानसून के बीच मौसम ने करवट ली है। बुधवार को बुंदेलखंड से लेकर पूर्वी उत्तर प्रदेश तक कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हुई। गुरुवार को 20 जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। 25 जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं, जबकि 36 जिलों में गरज-चमक और वज्रपात की आशंका है। 26 सितंबर को कई इलाकों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है और बारिश का असर 28 सितंबर तक बने रहने की संभावना है।

यूपी में तापमान कितना गिर सकता है?

उत्तर प्रदेश में बारिश के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। बुधवार शाम तक कानपुर में 33.6 मिलीमीटर, सोनभद्र में 17, बांदा में 8.8 और हमीरपुर में छह मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। झांसी, फतेहपुर, बलिया और हरदोई में भी बारिश हुई। लखनऊ में बुधवार सुबह बारिश के बाद धूप निकली और फिर दोपहर में गरज-चमक के साथ बारिश हुई। यहां अधिकतम तापमान 34.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो 0.9 डिग्री कम रहा। अगले पांच दिनों में प्रदेश के अधिकतम तापमान में चार से सात डिग्री तक गिरावट की संभावना है। लखनऊ में 27 सितंबर तक रुक-रुककर बारिश हो सकती है।



मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई कब होगी?

मध्य प्रदेश में मानसून की सामान्य अवधि 1 जून से 30 सितंबर तक मानी जाती है। यानी मानसून की विदाई में अब करीब छह दिन बाकी हैं। राजस्थान के कई हिस्सों से मानसून लौट चुका है और सितंबर के अंतिम सप्ताह में मध्य प्रदेश से भी इसकी वापसी शुरू होने के संकेत हैं। हालांकि विदाई से पहले बंगाल की खाड़ी में बने मौसम तंत्र के कारण बारिश का एक और दौर आने वाला है। जून में प्रदेश में सामान्य से करीब 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई और अगस्त में अच्छी बारिश के बावजूद जून की कमी पूरी तरह दूर नहीं हो सकी। मानसून के दौरान दो बार बारिश का ब्रेक भी आया था।

देशभर में भारी बारिश पर क्या जानकारी?


  • भारत के विभिन्न हिस्सों में 22 से 28 सितंबर तक भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना है। मौसम विभाग ने उत्तर-पश्चिमी, मध्य, पूर्वी, पूर्वोत्तर, पश्चिमी और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के लिए चेतावनी जारी की है। कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं और बिजली गिरने की आशंका है। मछुआरों को भी समुद्री क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी गई है।

  • उत्तर-पश्चिमी भारत में 25 से 28 सितंबर के बीच जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद, उत्तराखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में व्यापक वर्षा का अनुमान है। उत्तराखंड में 26-27 सितंबर और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 26 सितंबर को बहुत भारी वर्षा हो सकती है। मध्य भारत में पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में 22 से 28 सितंबर तक व्यापक वर्षा की संभावना है।

  • वहीं, छत्तीसगढ़ में 23 और 24 सितंबर को अत्यधिक भारी वर्षा का अलर्ट है। पूर्वी भारत में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, गंगा पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड और बिहार में 22 से 28 सितंबर के दौरान व्यापक वर्षा होगी। ओडिशा में 22-24 सितंबर को अत्यधिक भारी वर्षा और गरज के साथ तेज हवाएं चलेंगी। पूर्वोत्तर भारत में 22 से 28 सितंबर तक अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में वर्षा की उम्मीद है। 

  • पश्चिमी भारत में कोंकण और गोवा, मराठवाड़ा, मध्य महाराष्ट्र और गुजरात क्षेत्र में 22 से 28 सितंबर तक वर्षा जारी रहेगी। दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, केरल, माहे, लक्षद्वीप, तटीय कर्नाटक, उत्तरी और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 22 से 28 सितंबर तक वर्षा का अनुमान है। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 22-23 सितंबर तथा तेलंगाना में 23-24 सितंबर को अत्यधिक भारी वर्षा की आशंका है।

  • उत्तर-पश्चिमी भारत में 28 सितंबर को जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद में व्यापक वर्षा होगी। उत्तराखंड में 26 से 28 सितंबर तक काफी व्यापक वर्षा, गरज-चमक और भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 25 से 27 सितंबर तक व्यापक वर्षा होगी, जिसमें 26 सितंबर को बहुत भारी वर्षा का अनुमान है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 26-27 सितंबर को भारी वर्षा हो सकती है। शेष उत्तर-पश्चिमी भारत में छिटपुट वर्षा की उम्मीद है।

  • मध्य भारत में पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में 22 से 28 सितंबर तक व्यापक वर्षा जारी रहेगी। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 22 से 28 सितंबर तक छिटपुट वर्षा होगी। छत्तीसगढ़ में 23 और 24 सितंबर को अत्यधिक भारी वर्षा का अलर्ट है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 26 सितंबर को बहुत भारी वर्षा की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 25-26 सितंबर को बहुत भारी वर्षा हो सकती है। विदर्भ में 24-25 सितंबर को बहुत भारी वर्षा का अनुमान है।

  • पूर्वी भारत में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, गंगा पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड और बिहार में 22 से 28 सितंबर तक व्यापक वर्षा होगी। ओडिशा में 22 से 24 सितंबर तक अत्यधिक भारी वर्षा और गरज के साथ तेज हवाएं (50-60 किलोमीटर प्रति घंटा, 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक) चलेंगी। ओडिशा और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 25 सितंबर को बहुत भारी वर्षा की आशंका है। गंगा पश्चिम बंगाल और झारखंड में 24 सितंबर को बहुत भारी वर्षा तथा बिहार में 24-25 सितंबर को बहुत भारी वर्षा की संभावना है। झारखंड में 22 सितंबर को मध्यम से गंभीर बिजली गिरने की गतिविधि देखी जा सकती है।

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