• Thu. May 14th, 2026

24×7 Live News

Apdin News

ममता सरकार का फैसला पलटा, सुवेंदु अधिकारी ने आलू निर्यात पर लगी बरसों पुरानी पाबंदी हटाई

Byadmin

May 14, 2026


राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल की राजनीतिक बिसात पर आलू ने इस बार न केवल सत्ता का रुख बदला, बल्कि नई सरकार के गठन के साथ ही कृषि नीति में आमूल-चूल परिवर्तन की इबारत भी लिख दी।

राज्य की कमान संभालते ही मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी सरकार के समय से चली आ रही आलू निर्यात पर पाबंदी को पूरी तरह खत्म करने का एलान कर दिया है।

बुधवार को नवान्न (राज्य सचिवालय) में मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल की उपस्थिति में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अब आलू किसानों और व्यापारियों को किसी भी तरह की प्रशासनिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

पुरानी पाबंदियों का अंत पूर्ववर्ती सरकार ने राज्य की सीमाओं पर पुलिस और अन्य सरकारी विभागों के जरिए आलू के अंतरराज्यीय परिवहन पर कड़े पहरे लगा रखे थे।

सुवेंदु अधिकारी ने इन सभी प्रतिबंधों को तत्काल प्रभाव से वापस लेने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि अब पुलिस या कोई भी सरकारी एजेंसी आलू या अन्य कृषि उत्पादों को दूसरे राज्यों में भेजने से नहीं रोकेगी। हमारी सरकार का दृष्टिकोण किसानों को व्यापार की पूरी आजादी देना है।

चुनावी नतीजों ने बदली राज्य की राजनीति राज्य के ‘आलू-बेल्ट’ कहे जाने वाले हुगली और पूर्व ब‌र्द्धमान जिलों में तृणमूल कांग्रेस का दुर्ग पूरी तरह ढह गया है।

2021 के विधानसभा चुनाव में जहां पूर्व ब‌र्द्धमान की 16 में से 16 सीटें तृणमूल ने जीती थीं, वहीं इस बार वह केवल 2 सीटों पर सिमट गई है। हुगली में भी 18 में से 16 सीटों पर भाजपा ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है।

आलू खेती पर आधारित इन 25 महत्वपूर्ण विधानसभा क्षेत्रों में से भाजपा ने 21 पर कब्जा कर स्पष्ट संदेश दिया है कि किसानों का असंतोष ही ममता सरकार के पतन का कारण बना। सरकार के इस फैसले का पश्चिम बंगाल प्रगतिशील आलू व्यवसायी समिति ने स्वागत किया है।

समिति के महासचिव लालू मुखर्जी ने कहा कि पिछली सरकार की नीतियों के कारण व्यापारियों को भारी नुकसान हो रहा था और अंतरराज्यीय कारोबार ठप पड़ गया था। नई सरकार का यह कदम किसानों की आय और व्यापारिक सुगमता के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

By admin