• Sun. Aug 30th, 2026

24×7 Live News

Apdin News

मार्च 2027 से देश की सभी संस्थाओं में IST का पालन करना अनिवार्य, सरकार ने जारी की अधिसूचना

Byadmin

Aug 30, 2026


डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अगले साल मार्च से भारत में सभी संस्थाओं को कानूनी, कमर्शियल, डिजिटल और प्रशासनिक कामों के लिए इंडियन स्टैंडर्ड टाइम (IST) का इस्तेमाल करना होगा। सरकार ने शनिवार को लीगल मेट्रोलॉजी (इंडियन स्टैंडर्ड टाइम) रूल्स, 2026 की घोषणा की।

लीगल मेट्रोलॉजी एक्ट के तहत घोषित ये नियम गजट में छपने के 180 दिन बाद लागू होंगे, जिससे मार्च 2027 के आसपास से IST अनिवार्य हो जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने पर एक्ट के तहत जुर्माना लगाया जाएगा। यह नोटिफिकेशन सभी कानूनी, प्रशासनिक और आधिकारिक दस्तावेजों के लिए IST को अनिवार्य टाइम रेफरेंस बनाता है, जब तक कि विशेष रूप से छूट न दी गई हो।

किसी और समय का संदर्भ नहीं होगा इस्तेमाल

यह कॉमर्स, ट्रांसपोर्ट, पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, कानूनी कॉन्ट्रैक्ट और फाइनेंशियल कामकाज में भी आईएसटी को स्टैंडर्ड टाइम रेफरेंस बनाता है। सरकारी कामों के लिए IST के अलावा किसी और समय के संदर्भ का इस्तेमाल उसे दिखाना या रिकॉर्ड करना मना होगा। हालांकि, विदेशी टाइम जोन को साफ तौर पर बताने या वैज्ञानिक रिसर्च, नेविगेशन या खगोल विज्ञान के लिए दूसरे टाइम सोर्स की इजाजत होने पर ऐसा किया जा सकता है।

क्यों अहम है ये नियम?

ये नियम इसलिए अहम हैं क्योंकि आज का डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर माइक्रोसेकंड-लेवल की टाइमिंग एक्यूरेसी पर निर्भर करता है। पेमेंट सिस्टम, स्टॉक एक्सचेंज, टेलीकॉम नेटवर्क, 5G सर्विस, डिजिटल नेविगेशन, पावर ग्रिड और डेटा सेंटर को ट्रांजैक्शन को ऑथेंटिकेट करने, ऑपरेशन को कोऑर्डिनेट करने और नेटवर्क की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए सिंक्रोनाइज्ड क्लॉक की जरूरत होती है।

यह नोटिफिकेशन टाइम सिंक्रोनाइजेशन, ट्रेसेबिलिटी और साइबर सिक्योरिटी के लिए एक देशव्यापी सिस्टम बनाता है और सही समय को एक अहम डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर मानता है। इन नियमों की एक और अहम बात साइबर रेजिलिएंस (साइबर हमलों से निपटने और उनसे उबरने की क्षमता) पर जोर देना है।

संस्थाओं को सही टाइम-सिंक्रोनाइजेशन सिस्टम लगाने होंगे, नेटवर्क को स्पूफिंग, जैमिंग और साइबर हमलों से बचाना होगा, कई अधिकृत टाइमिंग सोर्स को इंटीग्रेट करना होगा और बिना रुकावट कामकाज जारी रखने के लिए इमरजेंसी सिस्टम (जैसे जरूरत पड़ने पर एटॉमिक क्लॉक) बनाए रखने होंगे।

By admin