एएनआई, मुंबई/नवी मुंबई। मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। शहर के अलग-अलग हिस्सों से जलजमाव, पेड़ गिरने और हादसों की खबरें सामने आ रही हैं। प्रशासन के दावों के बीच विपक्षी दलों ने नगर निगम (BMC) पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं।
घाटकोपर में गिरा भारी भरकम पेड़, 4 गाड़ियां क्षतिग्रस्त
मुंबई के घाटकोपर इलाके में विक्रांत सर्कल के पास एक बड़ा पेड़ अचानक उखड़कर गिर गया। इस घटना में वहां खड़ी चार कारें बुरी तरह कुचल गईं और उन्हें भारी नुकसान पहुंचा है। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ है।
एक प्रत्यक्षदर्शी ने नगर निगम (बीएमसी) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा, “लगभग आठ दिन पहले हमारे मैनेजर ने इस पेड़ के संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। बीएमसी का एक अधिकारी आया, उसने शिकायत दर्ज की, लेकिन उसके बाद कोई कार्रवाई करने नहीं आया। आज यह हादसा हो गया और चार गाड़ियां पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं।”
नवी मुंबई: जर्जर इमारत की बालकनी ढही
लगातार हो रही भारी बारिश के बीच नवी मुंबई के बेलापुर गांव से भी एक हादसे की खबर है। यहां एक अत्यधिक जर्जर हो चुकी इमारत की बालकनी अचानक भरभराकर गिर गई। रिपोर्ट के मुताबिक, यह इमारत पहले से ही बेहद खतरनाक स्थिति में थी। गनीमत रही कि हादसे के वक्त वहां कोई मौजूद नहीं था।
विपक्ष का बीएमसी पर हमला: लापरवाह और धोखेबाज है प्रशासन
इस बीच, शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने मुंबई नगर निगम पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि इस साल मुंबई में मानसून देरी से आया है। आमतौर पर यह 10 या 12 जून तक पहुंच जाता है, लेकिन इस बार 23-24 जून को बारिश शुरू हुई और पिछले 12 दिनों से रुक-रुक कर हो रही है। नगर निगम की लापरवाही के कारण मुंबई के विभिन्न इलाकों में जलजमाव हो गया है; लोग परेशान हैं और घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं।