डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बुधवार को AIADMK में जुबानी जंग चरम पर पहुंच गई। तमिलनाडु विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के दौरान पार्टी के कुछ विधायकों ने अभिनेता से राजनेता बने विजय की तमिलगा वेट्री कड़गम (TVK) सरकार के पक्ष में वोट देकर बगावत का ऐलान कर दिया। विश्वास मत में आसानी से जीत हासिल करने के बाद TVK सरकार को AIADMK के बागी गुट का खुला समर्थन मिला।
AIADMK विधायक सी.वी. शणमुगम ने पार्टी प्रमुख एडप्पादी के. पलानीस्वामी (EPS) पर सीधा हमला बोलते हुए कहा, ‘पार्टी में चुनाव से पहले मांग थी कि जिन लोगों ने पार्टी छोड़ी या जिन्हें निकाला गया, उन्हें वापस शामिल किया जाए ताकि पार्टी मजबूत हो। लेकिन EPS के मन में ऐसा कोई विचार नहीं है।’
EPS के खिलाफ बागी विधायकों ने खोला मोर्चा
शणमुगम ने आगे आरोप लगाया कि EPS ने AIADMK के मूल सिद्धांत को तिलांजलि दे दी है। उन्होंने कहा, ‘मैंने कोई गद्दारी नहीं हूं, हमारी पार्टी का मूल सिद्धांत DMK को पूरी तरह खत्म करना है। पिछले 50 साल से हम DMK के खिलाफ लड़ते आए हैं, लेकिन चुनाव हारने के बाद मुख्यमंत्री बनने की चाह में EPS ने अपना स्तर गिरा लिया।’
दिवंगत AIADMK सुप्रीमो जे. जयललिता की विरासत का जिक्र करते हुए बागी नेता ने भावुक स्वर में कहा, ‘अम्मा की मौत DMK के झूठे केस की वजह से हुई। उन्हें जेल भेजा गया और हम उन्हें खो बैठे। लेकिन वह सब भुला दिया गया। अब आप ही बताएं कि गद्दार कौन है?’
DMK के साथ गठबंधन का लगाया आरोप
2026 तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के कुछ दिनों बाद ही AIADMK में विद्रोह सिर उठा है। सी.वी. शणमुगम और एस.पी. वेलुमणि जैसे वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व वाला गुट EPS के खिलाफ खुलकर आ गया है। इन विधायकों का आरोप है कि पलानीस्वामी विजय को सत्ता से रोकने के लिए DMK के साथ गठबंधन की कोशिश कर रहे थे।
234 सदस्यीय सदन में TVK को 108 सीटें मिली थीं। कांग्रेस, वामपंथी दल, IUML और AIADMK बागियों के समर्थन से 144 वोट मिलने पर विजय सरकार ने फ्लोर टेस्ट पास कर लिया। अब बागी विधायकों के खुलकर TVK का साथ देने से AIADMK का संकट पूर्ण नेतृत्व संघर्ष में बदल गया है। पार्टी में गहराती फूट जयललिता की विरासत को भी चुनौती दे रही है।