गुलशेर खां शानी, जिन्होंने अपने कालजयी उपन्यास ‘काला जल’ और अन्य कृतियों के माध्यम से मुस्लिम, आदिवासी व शोषित समाज की पीड़ाओं को यथार्थवादी ढंग से प्रस्तुत किया।
गुलशेर खां शानी, जिन्होंने अपने कालजयी उपन्यास ‘काला जल’ और अन्य कृतियों के माध्यम से मुस्लिम, आदिवासी व शोषित समाज की पीड़ाओं को यथार्थवादी ढंग से प्रस्तुत किया।