शुक्रवार दोपहर राज्य सभा सांसद राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी (आप) छोड़कर बीजेपी में शामिल होने का एलान किया.
पार्टी सांसदों संदीप पाठक और अशोक मित्तल के साथ प्रेस काफ्रेंस कर उन्होंने दावा किया कि राज्य सभा में आम आदमी पार्टी के दो तिहाई सदस्य बीजेपी में विलय कर रहे हैं.
आम आदमी पार्टी ने इसकी आलोचना करने में देर नहीं की और पार्टी छोड़ने वाले सांसदों को ‘विश्वासघाती’ बताते हुए इस घटनाक्रम को ‘ऑपरेशन लोटस’ करार दिया.
आम आदमी पार्टी ने इस महीने की शुरुआत में राज्यसभा में पार्टी के डिप्टी लीडर की ज़िम्मेदारी राघव चड्ढा की जगह अशोक कुमार मित्तल को दे दी थी. जिसके बाद आम आदमी पार्टी और राघव चड्ढा के बीच विवाद भी हुआ.
पार्टी छोड़ने की घोषणा करते हुए शुक्रवार को राघव चड्ढा ने पार्टी पर ‘अपने सिद्धांतों, मूल्यों और बुनियादी नैतिकताओं से पूरी तरह भटकने’ के आरोप लगाए.
उन्होंने कहा, “मैं सही आदमी हूँ, लेकिन गलत पार्टी में हूं.”
आइए जानते हैं कि कभी केजरीवाल के सबसे ख़ास सिपहसालार माने जाने वाले राघव चड्ढा इस बगावत या टूट का नेतृत्व करने वाले कैसे बन गए.
आम आदमी पार्टी में कैसे शामिल हुए
साल 2013 में जब अन्ना हज़ारे का इंडिया अगेंस्ट करप्शन आंदोलन अपने आख़िरी दौर में था, तब पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट राघव चड्ढा राघव लंदन स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स से पढ़ाई कर के भारत लौटे थे.
उसी समय उनकी मुलाक़ात अरविंद केजरीवाल के साथ हुई. फिर वह आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए.
डेली ओ की एक रिपोर्ट के अनुसार, राघव चड्ढा का पार्टी में पहला असाइनमेंट दिल्ली जनलोकपाल बिल का ड्राफ़्ट तैयार करने वाले अधिवक्ता राहुल मेहरा को असिस्ट करना था. उन्हें ये ज़िम्मेदारी अरविंद केजरीवाल ने सौंपी थी.
राघव चड्ढा पार्टी के सबसे युवा प्रवक्ता बने और कुछ ही समय में वह टेलीविज़न पर आम आदमी पार्टी का चेहरा बन चुके थे.
दिल्ली और लंदन में पढ़ाई
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इमेज कैप्शन, अन्ना हजारे के आंदोलन के दौरान राघव चड्ढा की मुलाक़ात अरविंद केजरीवाल से हुई थी
राघव चड्ढा ने दिल्ली के मॉडर्न स्कूल से पढ़ाई की. उन्होंने 2009 में दिल्ली विश्वविद्यालय से बी कॉम की डिग्री हासिल की.
इसके बाद उन्होंने साल 2011 में इंस्टीट्यूट ऑफ़ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ़ इंडिया से सीए की डिग्री प्राप्त की. वह पेशेवर चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं.
एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा था कि उन्होंने कुछ समय के लिए लंदन में पढ़ाई भी की थी और उन्हें लंदन में समय बिताना अच्छा लगता था.
उसी साक्षात्कार के दौरान उन्होंने यह भी कहा था कि ‘विदेश में पढ़ाई करने के बाद वे अपने वतन लौट आए क्योंकि उन्हें अपने देश से प्यार है और उनके माता-पिता भी यहीं रहते हैं.’
आम आदमी पार्टी में अहम भूमिकाएं
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इमेज कैप्शन, आप में शामिल होने के बाद, वह उस समिति के सदस्य भी थे जिसने 2013 में आप का चुनाव घोषणापत्र तैयार किया था (फ़ाइल फोटो)
राघव चड्ढा उस समिति के सदस्य भी थे जिसने 2013 में ‘आप’ का चुनाव घोषणापत्र तैयार किया था.
उन्होंने दिल्ली सरकार में पूर्व वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया के वित्तीय सलाहकार के रूप में भी काम किया है.
वे दिल्ली के राजेंद्र नगर से विधायक और दिल्ली जल बोर्ड के अध्यक्ष भी रह चुके हैं. उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता के रूप में भी कार्य किया है.
साल 2022 के पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले, आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा को पंजाब का सह-प्रभारी नियुक्त किया था. उन्होंने पंजाब में आम आदमी पार्टी की भारी जीत में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.
हालांकि, साल 2019 में जब उन्होंने दक्षिण दिल्ली से बीजेपी नेता रमेश बिधूड़ी के ख़िलाफ़ लोकसभा चुनाव लड़ा, तो उन्हें हार का सामना करना पड़ा.
इसके बाद, साल 2020 में उन्होंने दिल्ली के राजेंद्र नगर से चुनाव जीतकर विधायक बने.
जब साल 2022 में पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनी, तो राघव चड्ढा को पंजाब से राज्य सभा सदस्य बनने का अवसर मिला.
‘राजनीति ने मुझे चुना’ – राघव चड्ढा
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इमेज कैप्शन, राघव चड्ढा को आम आदमी पार्टी का एक लोकप्रिय युवा चेहरा माना जाता था (फ़ाइल फोटो)
आम आदमी पार्टी की आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, राघव चड्ढा का मानना है कि ‘उन्होंने राजनीति को नहीं चुना, बल्कि राजनीति ने उन्हें चुना.’
उन्होंने एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू में भी यही बात कही थी.
राघव ने कहा, “मेरा परिवार आम आदमी पार्टी के सदस्य के रूप में मेरे राजनीति में प्रवेश करने के विचार से बहुत सहज था क्योंकि यह एक ऐसी पार्टी थी जो उन्हीं नैतिक मूल्यों पर बनी थी जिनका उन्होंने भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन में समर्थन किया था.”
राघव चड्ढा के पास कितनी संपत्ति है?
राज्य सभा सदस्य के रूप में नामांकन के दौरान दायर हलफ़नामे के अनुसार, राघव चड्ढा के पास 36 लाख रुपये की संपत्ति है.
उनकी कोई देनदारी नहीं है.
उसी हलफ़नामे के अनुसार, उनके नाम पर एक स्विफ़्ट कार है.
साल 2020 में विधानसभा चुनाव के दौरान दायर किए गए उनके हलफ़नामे के अनुसार, उस समय उनके पास 19 लाख रुपये की संपत्ति थी.
राघव के ख़िलाफ़ कितने आपराधिक मामले?
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इमेज कैप्शन, राघव चड्ढा का परिवार जालंधर से है और उनका परिवार कई दशकों पहले दिल्ली में आकर बस गया था (फ़ाइल फोटो)
माई नेता इनफ़ो वेबसाइट के अनुसार, उनके नवीनतम हलफ़नामे में कहा गया है कि चड्ढा के ख़िलाफ़ कुल तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं.
इनमें मानहानि और सार्वजनिक दुर्व्यवहार के मामले शामिल हैं.
मिली जानकारी के अनुसार, राघव को अभी तक किसी भी मामले में सज़ा नहीं मिली है.
परिणीति से विवाह
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इमेज कैप्शन, राघव और परिणीति की शादी 24 सितंबर 2023 को राजस्थान के उदयपुर में हुई थी (फ़ाइल फ़ोटो)
शादी के बाद कुछ निजी चैनलों को दिए एक साक्षात्कार में दोनों ने कहा था कि उनकी पहली मुलाक़ात लंदन में एक कार्यक्रम में हुई थी, जहां दोनों को अपने-अपने क्षेत्रों में अच्छे काम के लिए पुरस्कार मिल रहे थे.
दोनों ने कहा था कि नाश्ते की मेज पर हुई मुलाक़ात दोस्ती में बदल गई.
लेकिन दोनों के बीच की नजदीकी तब और बढ़ गई जब पंजाब में परिणीति की फ़िल्म ‘चमकीला’ की शूटिंग चल रही थी.
दोनों का विवाह समारोह 24 सितंबर 2023 को राजस्थान के उदयपुर में संपन्न हुआ. अब दोनों का एक बेटा भी है.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.