जागरण संवाददाता, उदयपुर। राजस्थान के भीलवाड़ा शहर में शुक्रवार को एक 12 वर्षीय बच्ची द्वारा रची गई झूठी किडनैपिंग की कहानी ने पुलिस को घंटों उलझाए रखा।
मां और पड़ोसन की डांट से नाराज होकर घर से निकली बच्ची रास्ता भटक गई, फिर घर पहुंचने के लिए उसने खुद के अपहरण की कहानी बना डाली।
पुलिस ने जब सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो पूरा मामला सामने आया। बच्ची ने पुलिस को बताया कि उसने मोबाइल पर घर छोड़ने के बहाने और टीवी सीरियल देखकर किडनैपिंग की कहानी गढ़ी थी।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि एक बच्ची किडनैपर्स के चंगुल से छूटकर एक कालोनी में घूम रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बच्ची से पूछताछ की।
बच्ची ने बताया कि घर के पास खाली प्लाट में मौजूद तीन युवकों ने उसे लड्डू खिलाया, जिससे वह बेहोश होने लगी। इसके बाद उसे ट्रक में बैठाकर ले जाया गया, जहां दो अन्य बच्चियां भी बंधी हुई थीं। बच्ची ने दावा किया कि ट्रक रुकने पर वह कूदकर भाग निकली।
बच्ची की बात सुन पुलिस अलर्ट हो गई। पुलिस ने बताए गए मार्गों और इलाकों के सीसीटीवी कैमरे खंगाले, लेकिन कहीं भी संदिग्ध ट्रक या युवक नजर नहीं आए। बाद में घर और गली के बाहर लगे कैमरों की जांच में बच्ची अकेले घर से निकलती दिखाई दी।
सख्ती से पूछताछ करने पर बच्ची ने सच्चाई स्वीकार कर ली। उसने बताया कि पड़ोसन ने उसे 10 रुपये की चायपत्ती लाने भेजा था, लेकिन वह गलती से 90 रुपये की चायपत्ती ले आई। इस बात पर पहले पड़ोसन और फिर मां ने उसे डांट दिया। नाराज होकर वह घर से निकल गई, लेकिन रास्ता भटक गई।