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राम माधव की वापसी का पीएम मोदी और अमित शाह के लिए क्या मतलब है?

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Aug 18, 2026


अमित शाह

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, राम माधव अमित शाह के अध्यक्ष रहते ही बीजेपी के महासचिव बने थे

नितिन नबीन इसी साल जनवरी महीने में भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष बने थे. अध्यक्ष बनने के क़रीब सात महीने बाद उन्होंने अपनी नई टीम की घोषणा की है.

बीजेपी ने 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्षों की घोषणा की है, जिनमें छह महिलाएं हैं. पूर्व राष्ट्रीय महासचिव राम माधव की वापसी इस बार राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के तौर पर हुई है. राम माधव 2014 में बीजेपी में राष्ट्रीय महासचिव बनकर आए थे लेकिन 2020 में उन्हें इस पद से हटा दिया गया था.

नितिन नबीन की टीम की घोषणा कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन के बाद हुई है. कहा जा रहा है कि अगर इस टीम की घोषणा पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के ठीक बाद होती तो तस्वीर कुछ और होती.

राम माधव और स्मृति इरानी को पार्टी में हाशिए पर माना जा रहा था लेकिन उनकी वापसी को कैसे देखा जाना चाहिए?

वरिष्ठ पत्रकार नीरजा चौधरी कहती हैं, ”राम माधव को राष्ट्रीय महासचिव से हटाया गया था और स्मृति इरानी भी चुनाव हारने के बाद हाशिए पर थीं. इन दोनों की वापसी हुई है. अमित मालवीय को भी अमित शाह के क़रीबी के रूप में ही देखा जाता है और उन्हें सोशल मीडिया की ज़िम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया है. अगर इन तीन बदलाव के आधार पर देखें तो यही लगता है कि यह टीम पूरी तरह से अमित शाह की नहीं है.”

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