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कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर बताया है कि विपक्षी सांसद तीस जनवरी मार्ग पर गांधी स्मृति जा रहे हैं.
उन्होंने लिखा, “हम उन छात्रों को याद करने जा रहे हैं जिन्हें हमने खो दिया. वे बच्चे जिन्हें नीट पेपर लीक के बाद अपनी जान देने के लिए मजबूर होना पड़ा. और हम उन छात्रों के साथ खड़े होने जा रहे हैं जो आज घायल हैं, जिन्हें न्याय और जवाबदेही की शांतिपूर्ण मांग करने पर पीटा गया. भारत के छात्र अकेले नहीं हैं.
राहुल गांधी ने कहा कि पूरा विपक्ष उनके और उनकी मांगों के साथ खड़ा है.
इससे पहले कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आवास के बाहर दिल्ली पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई थी.
कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, सांसद प्रमोद तिवारी और आरजेडी सांसद मीसा भारती समेत कई नेता बैठक के लिए राहुल गांधी के आवास पहुंचे.
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी राहुल गांधी के आवास पहुंचे. उन्होंने मीडिया से कहा, “राहुल गांधी ने हमें चाय पर बुलाया था, इसलिए मैं चाय पीने आया हूं.”
कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी भी राहुल गांधी के आवास पहुंचीं. इस दौरान उन्होंने कहा, “पूरा ‘इंडिया’ ब्लॉक मिलकर इस मुद्दे पर लड़ रहा है.”
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कांग्रेस सांसद जोतिमणि सेन्निमलाई ने कहा, “वह विपक्ष के नेता हैं. हम सभी उनकी पार्टी के सांसद हैं. हम बस उनसे मिलने आए थे. लेकिन सरकार ने पूरे इलाके को किले में बदल दिया है. मैं उनकी घबराहट समझ सकती हूं. हम विपक्ष के नेता से मिल रहे हैं, लेकिन हम सरकार का डर देख सकते हैं.”
इस बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवाओं का प्रदर्शन जारी है. प्रदर्शन को ख़त्म करने को लेकर सरकार की तरफ से की जा रही अपील और आश्वासन का युवाओं पर कोई असर नहीं दिख रहा है.
गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ‘देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है.’
प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रश्नपत्र लीक के दोषियों को सज़ा दिलाने के लिए सरकार ने फास्ट-ट्रैक अदालतें स्थापित करने का फ़ैसला किया है.
पीएम मोदी ने कहा, ”इस संबंध में निर्देश दे दिए गए हैं कि संबंधित विभाग आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें. विद्यार्थियों के हितों को सुरक्षित करने के लिए, सरकार की ओर से लिए जा रहे फ़ैसलों की कड़ी में ये एक अहम क़दम है. युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा.”
सीजेपी ने कहा, ‘जनता झांसे में न आए’
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पीएम मोदी के आश्वासन पर कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा, “कोई फ़ायदा नहीं है ऐसी बातों का, ऐसी घोषणाओं का. ये सब झांसे हैं. जनता झांसों में न आए. हमें जवाबदेही चाहिए और धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफ़े से कम में हम लोग बातचीत नहीं करेंगे.
पीएम मोदी के इस बयान के बात सियासी गलियारों में इस पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली.
पीएम मोदी को जवाब देते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा है, ”आपने ही हमारे युवाओं के भविष्य को सबसे ज़्यादा नुक़सान पहुँचाया है.आपने न सिर्फ़ हमारी शिक्षा व्यवस्था पर क़ब्ज़ा होने और उसे बर्बाद होने दिया, उसे बढ़ावा भी दिया. इसके ज़िम्मेदार हर व्यक्ति को संरक्षण दिया.”
दिल्ली के जंतर-मंतर और इसके आसपास बुधवार को बड़ी संख्या में युवाओं की भीड़ देखने मिली. इस दौरान वहां कुछ पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट भी की गई.
दिल्ली मेट्रो ने एहतियातन गुरुवार सुबह से ही अपने जंतर-मंतर के आसपास स्टेशनों को बंद करने की घोषणा कर दी. दिल्ली मेट्रो ने सेंट्रल दिल्ली के राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट स्टेशनों पर केवल इंटरचेंज (लाइन बदलने) की सुविधा उपलब्ध रहने की जानकारी दी.
गुरुवार को सोशल मीडिया पर कई लोगों ने दावा किया कि दिल्ली पुलिस कमिश्नर को राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून के तहत विशेष अधिकार दिए गए हैं.
इसमें कहा गया कि दिल्ली के उपराज्यपाल ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए), 1980 के तहत दिल्ली पुलिस आयुक्त को प्रिव्हेंटिव डिटेंशन (निरोधात्मक हिरासत) के आदेश जारी करने का अधिकार दिया है.
हालांकि ये अधिकार 19 जुलाई 2026 से 18 अक्टूबर 2026 तक, यानी तीन महीने की अवधि के लिए दिया गया है. लेकिन सार्वजनिक तौर पर ये गुरुवार को सामने आया है.
हालांकि दिल्ली पुलिस ने उन ख़बरों का खंडन किया.
दिल्ली पुलिस ने कहा कि सोशल मीडिया पर यह भ्रामक दावा किया जा रहा है कि दिल्ली पुलिस आयुक्त को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत हिरासत में लेने की शक्तियां विशेष रूप से चल रहे सीजेपी आंदोलन को दबाने के लिए दी गई हैं.
पुलिस ने अपने बयान में कहा है कि इसमें कुछ भी नया नहीं है और इस तरह के अधिकार हर तीन महीने में मिलते हैं.
युवाओं के समर्थन में आए ये लोग
बीते दो दिनों की तरह गुरुवार को भी जंतर-मंतर पर युवाओं के प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई को लेकर कई राजनीति, फ़िल्म और खेल जगत से जुड़े कई लोग सक्रिय दिखे.
कॉकरोच जनता पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर उनकी तस्वीर डालते हुए लिखा है, ”बॉलीवुड अभिनेत्री हुमा कुरैशी शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के समर्थन में जंतर-मंतर पहुंचीं.”
”यह जनता का आंदोलन है. न्याय और जवाबदेही की मांग के लिए हम सभी को एकजुट होकर इसका साथ देना चाहिए.”
मशहूर अभिनेता और सांसद कमल हासन ने जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी और उसके समर्थकों से भावुक अपील की है.
कमल हासन ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, ”हमें तभी सुन लेना चाहिए था जब एक बच्चा रोया था. लेकिन हमने तब तक इंतज़ार किया, जब तक हमारे बहुत से बच्चों की जान नहीं चली गई.”
”ऐसी व्यवस्था, जिसमें पढ़ाई की जगह कोचिंग, जिज्ञासा की जगह चिंता और योग्यता की जगह अपराध ने ले ली हो, वह पूरी तरह सड़ चुकी है.”
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.
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