• Wed. Oct 14th, 2026

24×7 Live News

Apdin News

‘राहुल गांधी ने प्रदर्शन के लिए तैयार रहने को कहा’, अनीश गवांडे ने की CJP नेताओं की गिरफ्तारी की आलोचना

Byadmin

Oct 14, 2026


डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी के नेता सौरव दास और आशुतोष रंका की गिरफ्तारी की NCP (SP) के प्रवक्ता अनीश गवांडे ने कड़ी अलोचना की और इस एहतियाती गिरफ्तारी को अजीब बताया।

गवांडे ने यह भी कहा कि राहुल गांधी ने INDI गठबंधन से कहा है कि वे आगे के विरोध प्रदर्शनों के लिए 24 घंटे के नोटिस पर तैयार रहें, क्योंकि गठबंधन इन गिरफ्तारियों और चुनाव आयोग से जुड़ी अन्य चिंताओं पर सुप्रीम कोर्ट के दखल की मांग कर रहा है।

नीतीश कुमार से गवांडे ने पूछे सवाल

JDU ने CJP नेताओं के खिलाफ JDU दफ्तार का गेट फांदकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की शिकायत की थी मामले में ट्रेसपासिंग यानी अनधिकृत प्रवेश का केस दर्ज किया गया है। गवांडे ने रंका और दास के खिलाफ दर्ज ‘ट्रेसपासिंग’की FIR पर सवाल उठाया और बिहार के पूर्व सीएम नीतीश कुमार से पूछा कि क्या वह जंतर-मंतर पर युवा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई का समर्थन करते हैं।

गवांडे ने नीतीश कुमार की छात्र राजनीति और JP आंदोलन की पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए पूछा कि क्या बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री उन युवाओं के खिलाफ FIR का समर्थन करते हैं जो, उनके अनुसार, जंतर-मंतर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने की कोशिश कर रहे थे।

गवांडे ने कहा, ‘यह एहतियाती गिरफ्तारी अजीब है। असल शिकायत क्या है? JDU द्वारा दर्ज कराई गई ट्रेसपासिंग की शिकायत?’ गवांडे ने इसे JDU और भारतीय लोकतंत्र के लिए बहुत ही दुखद दिन बताया।

क्या है पूरा मामला?

कॉकरोच जनता पार्टी के नेता सौरव दास और आशुतोष रंका को मंगलवार सुबह हिरासत में ले लिया गया था। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने बैरिकेड्स तोड़े और जंतर मंतर में घुस गए और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाने लगे।

पुलिस ने ट्रेसपासिंग, निषेधाज्ञा का उल्लंघन, शांति बनाए रखने के बॉन्ड का उल्लंघन और सरकारी कर्मचारी के काम में बाधा डालने के आरोप में केस दर्ज किया है।

बता दें सोमवार को दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार ने रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और CBD ग्राउंड को प्रदर्शन के लिए जगह के तौर पर तय किया और जंतर-मंतर को मंजूरी प्राप्त विरोध स्थलों की सूची से हटा दिया।CJP ने तर्क दिया है कि राजधानी के राजनीतिक केंद्र से विरोध प्रदर्शनों को दूसरी जगह ले जाने से असहमति की दृश्यता कम हो जाती है।

By admin