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कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी के बेटे रेहान आर वाड्रा ने कहा है कि दिल्ली के बीकानेर हाउस ने उनकी फ़ोटो प्रदर्शनी से विरोध प्रदर्शनों की तस्वीरें हटाने के लिए मजबूर किया.
रेहान ने इन तस्वीरों को प्रदर्शनी से हटाने से इनकार किया हालांकि अब उनके कलेक्शन की आंशिक तस्वीरें ही प्रदर्शित की जा रही हैं.
प्रियंका गांधी ने सरकार के शीर्ष नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं और अपने बेटे के साथ खड़े रहने की बात कही है. वहीं कांग्रेस ने आर्ट पर सेंसरशिप लगाए जाने का आरोप लगाया है.
प्रियंका गांधी और रॉबर्ट वाड्रा के बेटे रेहान वाड्रा फ़ोटोग्राफ़र हैं. बीकानेर हाउस में ‘नो आइडिया इज़ फ़ाइनल’ शीर्षक से उनकी तस्वीरों की प्रदर्शनी लगी है जो बुधवार शाम से शुरू होने वाली थी.
रेहान वाड्रा ने कहा कि बुधवार की शाम 3.30 बजे उन्हें बताया गया कि अगर वो शाम पाँच बजे तक तस्वीरें नहीं हटाते तो उनकी फ़ोटो प्रदर्शनी रद्द कर दी जाएगी.
रेहान वाड्रा ने दिल्ली में हुए जेन ज़ी प्रोटेस्ट की तस्वीरों को अपनी प्रदर्शनी में शामिल किया था.
रेहान वाड्रा ने इस बारे में इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट करके कहा कि जिन तस्वीरों को हटाने के लिए कहा गया उनमें दो तस्वीरें भारत के राष्ट्रीय झंडे वाली तस्वीरें भी हैं.
प्रियंका गांधी ने क्या कहा?
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ये विवाद सामने आने के बाद प्रियंका गांधी ने एक्स पर प्रदर्शनी की तस्वीरें साझा करते हुए एक पोस्ट किया.
इसमें उन्होंने लिखा, “जब ताक़तवर व्यक्ति किसी दूसरे की अभिव्यक्ति से डरने लगता है, तो उसे एहसास नहीं होता, लेकिन वह उस ताक़त को पहले ही खो चुका होता है, जिसे बचाने की वह कोशिश कर रहा होता है. आप सच के लिए खड़े रहते हैं और ख़ूबसूरत चीज़ें ख़ुद-ब-ख़ुद आप तक पहुँचने का रास्ता ढूंढ लेती हैं. मुझे आप पर गर्व है और हमेशा रहेगा.”
तस्वीरें हटाने को लेकर रेहान ने बुधवार को इंस्टाग्राम पोस्ट करके बताया था, “बीकानेर हाउस के मैनेजमेंट ने मुझे अपनी प्रदर्शनी में लगी ज़्यादातर कलाकृतियां हटाने के लिए मजबूर किया. मेरी प्रदर्शनी “नो आइडिया इज़ फाइनल” आज (बुधवार) शाम 7 बजे शुरू होने वाली है.”
“इन तस्वीरों में दिल्ली में हुए युवाओं के विरोध प्रदर्शन को दिखाया गया था. ज़ाहिर तौर पर, ये तस्वीरें उन्हें “आपत्तिजनक” लगीं. उन्होंने मुझे तिरंगे की दो तस्वीरें हटाने का निर्देश भी दिया. मैंने इनकार कर दिया है. मैं भारतीय ध्वज की तस्वीर नहीं हटाऊंगा.”
उन्होंने कहा, “फ़िलहाल प्रदर्शनी आंशिक रूप से जारी रहेगी, लेकिन मैं कोई दूसरी जगह तलाशूंगा और विरोध प्रदर्शनों की तस्वीरों का पूरा संग्रह वहां प्रदर्शित करूंगा.”
कांग्रेस ने उठाया सवाल

इस घटना को लेकर कांग्रेस ने तीख़ी प्रतिक्रिया देते हुए सरकार पर निशाना साधा है.
कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने एक्स पर एक पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि सेंसरशिप से तिरंगा भी सुरक्षित है. उन्होंने लिखा, “शायद समस्या आर्ट में नहीं, सरकार में है.”
उन्होंने प्रदर्शनी में ख़ाली जगह की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, “रेहान वाड्रा की कला प्रदर्शनी ‘नो आइडिया इज़ फाइनल’ शुरू होने से कुछ घंटे पहले बीकानेर हाउस प्रशासन ने उनकी 74 कलाकृतियां हटवा दीं. यह प्रदर्शनी का लगभग आधा हिस्सा था.”
“इन्हें ‘राजनीतिक’ बताकर हटाया गया. इन तस्वीरों में सिर्फ़ विरोध प्रदर्शनों को दर्ज किया गया था. इनमें से एक भी तस्वीर अपमानजनक या भड़काऊ नहीं थी. तो आख़िर इसमें आपत्तिजनक क्या था?”
“जिन तस्वीरों को प्रदर्शनी में बनाए रखने के लिए रेहान को संघर्ष करना पड़ा, उनमें भारतीय झंडे की एक तस्वीर भी थी. बाकी दीवारों पर कला की जगह सिर्फ़ लोहे की खुली कीलें बची थीं, जो स्पॉटलाइट की रोशनी में चमक रही थीं. यह सेंसरशिप का एक भयावह प्रतीक था. कल्पना कीजिए, एक ऐसी सरकार की जो विचारों से इतना डरती है कि उसे न सिर्फ़ विरोध प्रदर्शन, बल्कि विरोध प्रदर्शनों की तस्वीरें और यहां तक कि तिरंगा भी बर्दाश्त नहीं होता.”
’70 तस्वीरें हटाई गईं’
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राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने कहा कि रेहान वाड्रा की प्रदर्शन से 70 से ज़्यादा तस्वीरें हटा दी गईं.
उन्होंने एक्स पर लिखा, “बीकानेर हाउस राजस्थान सरकार की संपत्ति है. इसका मतलब है कि बीजेपी सरकार के शासन में एक युवा कलाकार की कलात्मक अभिव्यक्ति को दबाया गया, जो बेहद निंदनीय है. प्रदर्शनी में कई तस्वीरों में दिल्ली के युवा आंदोलनों को दिखाया गया था.”
“रेहान वाड्रा से तिरंगे वाली दो तस्वीरें हटाने को कहा गया, लेकिन उन्होंने साफ तौर पर इनकार कर दिया. उनका यह संकल्प सराहनीय है. उन्होंने दिखाया है कि तिरंगे के सम्मान के मामले में कोई समझौता नहीं किया जा सकता.”
गहलोत ने तस्वीरों को हटाने को ‘कलाकारों की आवाज दबाना’ बताते हुए इसे ‘लोकतंत्र पर सीधा हमला’ करार दिया. उन्होंने कहा, “यह सेंसरशिप का स्पष्ट उदाहरण है. बीजेपी सरकार को जवाब देना चाहिए कि सच दिखाने वाली तस्वीरें क्यों हटाई गईं.”
एक्टिविस्ट गुरमेहर कौर ने कहा कि प्रदर्शनी शुरू होने से कुछ घंटे पहले, अधिकांश तस्वीरों को हटाने के लिए मजबूर किया गया.
उन्होंने एक्स पर लिखा, “वजह? दिल्ली में युवाओं के विरोध प्रदर्शनों की तस्वीरों को ‘आपत्तिजनक’ बताया गया और उनसे तिरंगे की तस्वीरें हटाने की मांग भी की गई. उन्होंने तिरंगे की तस्वीर हटाने से इनकार कर दिया. अब वह पूरी गैलरी प्रदर्शित करने के लिए नई जगह तलाश रहे हैं. अपने फैसले पर अडिग रहने के लिए उन्हें सलाम.”
कांग्रेस के युवा संगठन यूथ कांग्रेस ने कहा है कि वो लुटियंस दिल्ली की सड़कों पर ओपन फ़ोटो प्रदर्शनी लगाएगी.
यूथ कांग्रेस ने एक्स पर लिखा, “प्रिय बीजेपी, अगर आप एक प्रदर्शनी पर रोक लगाएंगे, तो यूथ कांग्रेस लुटियंस दिल्ली की सड़कों पर खुले में फोटो प्रदर्शनियां लगाएगी. आप आर्ट गैलरी की दीवारों को नियंत्रित कर सकते हैं. सड़कों को नहीं.”
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.
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