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लाल क़िले से युवाओं की बात, लेकिन परीक्षा और भर्ती विवादों का ज़िक्र क्यों नहीं

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Aug 15, 2026


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, पीएम नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लालकिले से अपने भाषण में हाल के जेन ज़ी आंदोलन का ज़िक्र नहीं किया

भारत के स्वतंत्रता दिवस पर लाल क़िले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में देश के भविष्य, विकसित भारत और युवाओं की ताक़त की बात की.

प्रधानमंत्री मोदी का भाषण क़रीब 75 मिनट तक चला. इसमें उन्होंने 20 बार ‘युवा’ या ‘युवाओं’ शब्द का इस्तेमाल किया, 16 बार ‘नौजवानों’ और 6 बार ‘नौजवान’ शब्द का और चार बार उन्होंने ‘युवा शक्ति’ की बात की.

लेकिन हाल के महीनों में सड़कों पर उतरे उन युवाओं का ज़िक्र नहीं हुआ, जिन्होंने परीक्षा पत्र लीक और भर्ती प्रक्रियाओं में गड़बड़ियों के ख़िलाफ़ देशभर में प्रदर्शन किए.

ये विरोध प्रदर्शन सिर्फ़ एक परीक्षा या कुछ नौकरियों का मुद्दा नहीं थे. इनमें शामिल युवाओं का कहना था कि जब सालों की मेहनत के बाद भी भर्ती और परीक्षा प्रक्रियाओं की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं, तो सबसे बड़ा नुक़सान उनके भरोसे को होता है. सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक, हज़ारों युवाओं ने अपनी नाराज़गी और चिंता खुलकर जताई थी.

इन आंदोलनों की एक और ख़ास बात थी कि इनके केंद्र में जेन-ज़ी थी, यानी भारत की सबसे युवा वयस्क पीढ़ी. अक़्सर राजनीति से दूर या उदासीन बताई जाने वाली यह पीढ़ी इस बार अपने भविष्य के सवालों को लेकर मुखर दिखाई दी.

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