इमेज कैप्शन, विजय ने शुक्रवार को तीसरी बार राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर से मुलाक़ात की थी
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तमिलनाडु में कांग्रेस, सीपीआई और सीपीएम के बाद अब वीसीके और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) ने भी टीवीके को समर्थन देने का एलान किया है.
वीसीके के नेता थॉल थिरुमावलवन ने टीवीके के नेता अधव अर्जुन को पार्टी का समर्थन पत्र दिया है. वहीं आईयूएमएल ने भी टीवीके को समर्थन पत्र दिया है.
वीसीके से समर्थन पत्र मिलने के बाद अधव अर्जुन ने मीडिया से बातचीत में कांग्रेस, वामपंथी दलों और वीसीके को धन्यवाद दिया है.
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा की जाएगी और विजय जनता के समर्थन से तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बनेंगे.
शुक्रवार को टीवीके चीफ़ विजय ने तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर से मुलाक़ात करके सरकार बनाने का दावा पेश किया था. विजय की राज्यपाल से यह तीसरी मुलाक़ात थी.
राज्यपाल से मुलाक़ात के बाद, टीवीके नेता विजय ने व्यक्तिगत रूप से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के कार्यालयों का दौरा किया था और पार्टी नेताओं से मुलाक़ात की थी.
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इमेज कैप्शन, वीसीके के नेता थॉल तिरुमावलवन (बाएं) और टीवीके नेता आधव अर्जुन
234 सीटों वाली तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में टीवीके ने 108 सीटें जीती हैं, चूंकि विजय, जिन्होंने दो सीटें जीती हैं, उनको एक सीट से इस्तीफ़ा देना होगा, इसलिए टीवीके की संख्या 107 रह जाएगी.
उस समय सदन की संख्या घटकर 233 हो जाएगी, इसलिए बहुमत के लिए 117 सदस्यों के समर्थन की आवश्यकता होगी.
कांग्रेस ने पांच सीटें जीती हैं, वहीं सीपीआई, सीपीएम, वीसीके और आईयूएमएल ने दो-दो सीटें जीती हैं. इस तरह से अब टीवीके के साथ 121 सीटों का आंकड़ा हो चुका है जो बहुमत के लिए ज़रूरी आंकड़े से ज़्यादा है.
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इमेज कैप्शन, आईयूएमएल ने वीसीके को समर्थन पत्र दिया है
राज्यपाल से शिकायत
वहीं शनिवार को तमिलनाडु में काफ़ी विवाद भी देखने को मिला. एएमएमके पार्टी के महासचिव टीटीवी दिनाकरन ने राज्यपाल से मिलकर टीवीके की शिकायत की.
एएमएमके ने आरोप लगाया कि उनके इकलौते विधायक की ‘होर्स ट्रेडिंग’ की कोशिश की गई है.
एएमएमके विधायक कामराज और पार्टी के महासचिव टीटीवी दिनाकरन ने कार्यवाहक राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से मुलाकात के बाद मीडिया से मुलाकात की.
टीटीवी दिनकरन ने एक वीडियो का ज़िक्र करते हुए कहा, “विधायक कामराज को पत्र देते हुए दिखाने वाला वीडियो किसने बनाया? उन्हें बताना चाहिए कि यह कहां बनाया गया था. हमने पत्र इसलिए दिया था क्योंकि अगर पलनीस्वामी सरकार बनाते तो इसकी ज़रूरत पड़ती. जिन लोगों ने पत्र की प्रति दी, उन्होंने मूलपत्र क्यों नहीं दिया? मूल पत्र कहां है? अगर उन्होंने मेरी सहमति से पत्र दिया था, तो उन्हें इसका सबूत देना चाहिए.”
दिनाकरन ने कहा है कि उन्होंने राज्यपाल को बताया है कि यह फ़र्ज़ी वीडियो है.
दिनाकरन ने आरोप लगाया कि यह सब होर्स ट्रेडिंग के लिए किया गया.
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि इसके पीछे विजय का हाथ था. दिनाकरन ने कहा कि वो वकील से सलाह लेंगे और फिर तय करेंगे कि इस मामले में शिकायत दर्ज करनी है या नहीं.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.