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भारत को पहली बार मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद को मिलने वाली आर्थिक सहायता पर नज़र रखने वाली वैश्विक संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफ़एटीएफ़) के उपाध्यक्ष का पद मिला है.
भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी विवेक अग्रवाल को इस पद के लिए चुना गया है. विदेश मंत्रालय ने इस नियुक्ति को भारत की बड़ी जीत बताया है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा है, “एफ़एटीएफ़ में भारत की बड़ी जीत.
भारत सरकार के सचिव विवेक अग्रवाल को फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफ़एटीएफ़) का वाइस प्रेसिडेंट चुना गया है.”
”आतंकवाद के ख़िलाफ़ जीरो-टॉलरेंस नीति पर आगे बढ़ते हुए भारत की यह नई नेतृत्व भूमिका वैश्विक आतंकवादी फंडिंग नेटवर्क से लड़ने और अवैध वित्तीय तंत्र को ख़त्म करने की उसकी प्रतिबद्धता को और मज़बूत करती है.”
”भारत के एफ़एटीएफ़ प्रतिनिधिमंडल के पूर्व प्रमुख और एफ़आईयू-आईएनडी के पूर्व निदेशक के रूप में उनका गहरा अनुभव एफ़एटीएफ़ के वित्तीय प्रणाली की वैश्विक अखंडता सुनिश्चित करने के मिशन को आगे बढ़ाने में मदद करेगा.”