डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में मौजूद वेदांता पावर प्लांट हादसे में कंपनी ने मृतकों और घायलों के लिए मुआवजे की घोषणा की है। जानकारी के अनुसार हादसे में जान गंवाने वाले मृतकों के परिजनों को 35 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। वहीं, गंभीर रूप से घायलों को 15 लाख रुपये तक का मुआवजा दिया जाएगा।
इसके अलावा मृतकों के परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी देने का भी आश्वासन दिया गया है। इस घोषणा के बाद प्रभावित परिवारों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, हालांकि स्थानीय लोग घटना की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। मालूम हो कि मंगलवार को पावर प्लांट में एक भीषण बायलर ब्लास्ट हुआ था।
हादसे के समय प्लांट में करीब 50 लोग मौजूद थे
जिसमें 14 मजदूरों की जान चली गई थी। इस भयावह हादसे में 32 मजदूर घायल भी हुए हैं, जिनमें से 6 जिंदगी और मौत के बीच वेंटिलेटर पर जंग लड़ रहे हैं। हादसे के समय प्लांट में करीब 50 मजदूर मौजूद थे। वहीं, हादसे के बाद वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने X पर पोस्ट करके अपनी पीड़ा व्यक्त की थी। उन्होंने इस घटना पर दुख जताते हुए इसे व्यक्तिगत क्षति बताया था।
जहां एक तरफ चेयरमैन इसे परिवार का दुख बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस के महासचिव कन्हैया अग्रवाल ने इसे सीधे तौर पर प्रबंधन की लापरवाही करार दिया है। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो प्लांट में सुरक्षा मानकों को ताक पर रखा गया था। इसके साथ ही ब्लास्ट इतना जोरदार था कि मजदूरों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
सक्ती के वेदांता प्लांट में बनती है बिजली
सक्ती जिले में मौजूद वेदांता पावर प्लांट में मुख्य रूप से बिजली उत्पादन का काम किया जाता है। इस प्लांट में कोयले का इस्तेमाल करके बिजली बनाई जाती है, जिसका उपयोग आसपास के औद्योगिक क्षेत्र और ग्रिड सप्लाई में होता है। प्लांट में कोयले की प्रोसेसिंग, बॉयलर संचालन और टर्बाइन के जरिए बिजली उत्पादन की प्रक्रिया चलती है।