आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर्नाटक के दौरे पर हैं। जहां उन्होंने मांड्या जिले में स्थित श्री क्षेत्र आदिचुंचनगिरि में श्री गुरु भैरवैक्य मंदिर का उद्घाटन किया। इस दौरान पीएम मोदी को सम्मानित भी किया गया। यह सम्मान उन्हें श्री क्षेत्र आदिचुंचनगिरि में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दिया गया। यह मंदिर श्री श्री श्री बालगंगाधरनाथ महास्वामीजी की स्मृति में बनाया गया है, जो श्री अदिचुंचनगिरि मठ के 71वें पीठाधीश्वर थे। मंदिर पारंपरिक द्रविड़ शैली में बना है और इसे उनकी जीवन यात्रा और समाज सेवा को सम्मान देने के रूप में देखा जा रहा है।
यह मंदिर बालगंगाधरनाथ महास्वामीजी के जीवन, उनके सामाजिक कार्यों और समाज सेवा के योगदान को याद करने के लिए बनाया गया एक स्मारक है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। पीएम मोदी ने मंदिर के उद्घाटन के बाद वहां उपस्थित लोगों को संबोधन भी किया।
आयुष्मान भारत योजना का किया जिक्र
पीएम मोदी ने केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना का भी जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा कि सरकार की आयुष्मान भारत योजना के तहत आज करोड़ों गरीब लोगों को अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा मिल रही है। उन्होंने बताया कि इस योजना का विस्तार 70 वर्ष से अधिक उम्र के सभी बुजुर्गों तक भी किया गया है, ताकि उन्हें सम्मान और गरिमा के साथ स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
संबोधन में पीएम मोदी ने बताया अपना अनुभव
संबोधन के शुरुआत में पीएम मोदी ने कहा कि आज उनके मन में बहुत गहरे भाव हैं, जिन्हें शब्दों में बताना मुश्किल है। श्री काल भैरव मंदिर में दर्शन और पूजा करना, श्री गुरु भैरवैक्य मंदिर का उद्घाटन देखना और ऐतिहासिक ज्वालापीठ में समय बिताना उनके लिए एक बहुत खास अनुभव रहा। उन्होंने यह भी कहा कि आध्यात्मिक रूप से ऊंचाई पर पहुंचे संतों के बीच रहना और इस विशाल जनसमूह को देखना उनके लिए यादगार पल है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह उनके लिए सौभाग्य की बात है कि उन्हें यहां आने और लोगों के बीच रहने का अवसर मिला। उन्होंने इस अवसर पर सभी लोगों को हार्दिक बधाई भी दी।
भारत हजारों साल पुरानी सभ्यता- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने आगे कहा कि हमारे समाज में समय-समय पर ऐसे महान व्यक्तित्व आए हैं जो केवल आध्यात्मिक मार्गदर्शन तक सीमित नहीं रहे। उन्होंने कहा कि ये संत समाज के बीच रहते थे, लोगों के सुख-दुख को समझते थे और समाज को दुख, कष्ट और कठिनाइयों से बाहर निकालने का रास्ता दिखाते थे। प्रधानमंत्री ने भारत को एक जीवंत और हजारों साल पुरानी सभ्यता बताया। उन्होंने कहा कि दुनिया में बहुत कम ऐसे उदाहरण मिलते हैं जहां परंपराएं इतने लंबे समय तक जीवित रहती हैं।
उन्होंने श्री क्षेत्र आदिचुंचनगिरि महा संस्थान मठ का जिक्र करते हुए कहा कि यह इस निरंतरता का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने बताया कि इस पवित्र मठ का इतिहास लगभग 2000 साल पुराना है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस मठ की गुरु परंपरा, आध्यात्मिक दर्शन और सेवा की परंपरा ने सदियों से इस क्षेत्र को समृद्ध किया है।