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अमेरिकी
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस समय चीन के दौरे पर हैं और चीन के राष्ट्रपति शी
जिनपिंग के एक बयान को लेकर उन्होंने सोशल मीडिया पर एक लंबा पोस्ट किया है.
दरअसल शी
जिनपिंग कहते आए हैं कि ‘पश्चिमी देश ढलान पर’ हैं, हालांकि चीनी मीडिया इसे
अमेरिका के संदर्भ में बताता रहा है.
शुक्रवार को
ट्रंप ने अपने ट्रुथसोशल अकाउंट पर एक लंबा पोस्ट किया, “चीन के
राष्ट्रपति शी
जिनपिंग ने जब
अमेरिका को ‘डिक्लाइनिंग नेशन यानी ढलता हुआ देश’ बताया था, तब उनका इशारा मौजूदा प्रशासन नहीं बल्कि पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के दौर की तरफ़ था.”
इस लंबे पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि पूर्ववर्ती बाइडन प्रशासन के
दौरान अमेरिका को ‘भारी नुकसान’ हुआ. उन्होंने खुली सीमाओं, ऊंचे
टैक्स, अपराध और व्यापार समझौतों को लेकर
पिछली सरकार की आलोचना की.
ट्रंप ने दावा किया कि उनके प्रशासन के ‘16 महीनों में अमेरिका ने तेज़ आर्थिक और सैन्य बढ़त हासिल’ की है. उन्होंने शेयर बाजार में रिकॉर्ड बढ़त,
रोज़गार के आंकड़ों और विदेशी निवेश का हवाला
देते हुए कहा कि ‘अमेरिका फिर से आर्थिक ताक़त’ बन गया है.
उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया भर से 18
ट्रिलियन डॉलर के निवेश अमेरिका में आ रहे हैं और
देश का रोज़गार बाज़ार “इतिहास में सबसे मजबूत” है. ट्रंप ने अपने पोस्ट में ईरान
और वेनेज़ुएला से जुड़े अमेरिकी संबंधों और सैन्य अभियानों का भी ज़िक्र किया.
ट्रंप के मुताबिक़, शी जिनपिंग ने भी
कम समय में उनकी सरकार की उपलब्धियों की तारीफ़ की. उन्होंने कहा, “दो साल पहले अमेरिका ढलान पर था, इस बात पर मैं शी जिनपिंग से पूरी सहमत हूं.
लेकिन अब अमेरिका दुनिया का सबसे चर्चित और मजबूत देश है.”
ट्रंप ने उम्मीद जताई कि अमेरिका और
चीन के रिश्ते पहले से ज़्यादा मजबूत हो सकते हैं.
हालांकि ये स्पष्ट नहीं है कि ट्रंप
की मौजूदा यात्रा के दौरान राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ऐसी कोई टिप्पणी की है.
लेकिन शी जिनपिंग ने गुरुवार को अपने
शुरुआती संबोधन में एक मुहावरे थ्यूसीडाइड्स ट्रैप का ज़िक्र किया था.
उन्होंने कहा था, “दुनिया एक नए मोड़ पर पहुंच गई है. क्या चीन और अमेरिका ‘थ्यूसीडाइड्स ट्रैप’ से बाहर
निकलकर संबंधों का नया मॉडल बना सकते हैं?”
यह मुहावरा एक पुराना सिद्धांत है जो
बताता है कि जब कोई उभरती हुई शक्ति किसी स्थापित शक्ति को चुनौती देती है,
तो युद्ध की संभावना बहुत अधिक बढ़ जाती है.
यह शब्द हार्वर्ड के प्रोफेसर ग्राहम एलिसन ने प्रतिपादित किया था, जोकि प्राचीन ग्रीक
इतिहासकार थ्यूसीडाइड्स के नाम पर है जिन्होंने कहा था कि एथेंस के उदय और
स्पार्टा में पैदा हुए डर ने पेलोपोनेशियन युद्ध को अनिवार्य बना दिया था.