पीटीआई, नई दिल्ली। अनचाही और परेशान करने वाली (स्पैम) कॉल और मैसेजों के खिलाफ शिकायतें 2022 से साल-दर-साल बढ़ रही हैं। इसमें 82 प्रतिशत से अधिक शिकायतें अनरजिस्टर्ड टेलीमार्केटर्स के खिलाफ दर्ज की गई हैं। संसद में गुरुवार को यह जानकारी दी गई।
टेलीकॉम राज्य मंत्री पेम्मसानी चंद्रशेखर ने राज्यसभा में लिखित उत्तर में बताया कि 2026 की पहली छमाही में 20.75 लाख से अधिक शिकायतें प्राप्त हुईं, जो पिछले वर्ष की कुल शिकायतों का दो-तिहाई से अधिक हैं।
2025 में कुल 31.09 लाख शिकायतें आईं
2025 में कुल 31.09 लाख शिकायतें आईं। 2021 में 12.84 लाख शिकायतें दर्ज की गईं थीं जोकि 2022 में घटकर 10.83 लाख हो गईं। 2023 में शिकायतों में 26 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जोकि 13.62 लाख तक पहुंच गईं।
आंकड़ों के अनुसार, अगस्त-दिसंबर 2024 के बीच 155 पंजीकृत प्रमुख संस्थाएं, जिनकी ओर से अनचाही काल या एसएमएस किए गए थे, उन्हें ब्लैकलिस्ट किया गया। 2025 में 995 और 2026 की पहली छमाही में 1,406 संस्थाओं को ब्लैकलिस्ट किया गया।
मंत्री ने बताया कि पंजीकृत टेलीमार्केटर्स पर भी कार्रवाई की गई है। आंकड़ों के अनुसार, अगस्त से दिसंबर 2024 के बीच 41 पंजीकृत टेलीमार्केटर्स को ब्लैकलिस्ट किया गया, 2025 में 12 और इस वर्ष जून तक सात टेलीमार्केटर्स ब्लैकलिस्ट किए गए।
संरक्षित स्मारकों की सूची से 18 स्मारकों को हटाया गया
2021 से केंद्रीय संरक्षित स्मारकों की सूची से दिल्ली के बाराखंबा कब्रिस्तान और निकोलसन की प्रतिमा और उसका चबूतरा, वाराणसी के तेलिया नाला बौद्ध खंडहर, लखनऊ के गौघाट कब्रिस्तान समेत 18 स्मारकों को हटा दिया है। केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने राज्यसभा में लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
एक अन्य प्रश्न के उत्तर में शेखावत ने कहा कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) की देखरेख में 3,688 केंद्रीय संरक्षित स्मारक/स्थल हैं। एक अन्य प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने जून 2026 तक अमेरिका (589), आस्ट्रेलिया (51), ब्रिटेन (21) और नीदरलैंड (1) से कुल 662 कलाकृतियां पुनः हासिल की हैं।
5.63 लाख गांवों में तरल अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) चरण-दो के तहत देशभर के 5.87 लाख गांवों में से 5.63 लाख से अधिक गांवों में तरल अपशिष्ट प्रबंधन (लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट) की व्यवस्था की गई है।
गुरुवार को सरकार ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में जल शक्ति राज्य मंत्री वी सोमन्ना ने यह जानकारी दी। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) चरण-दो, एक अप्रैल 2020 से प्रभावी हुआ था।
इसका मुख्य उद्देश्य गांवों में ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन (एसएलडब्ल्यूएम) और गांवों में साफ-सफाई सुनिश्चित करने के साथ खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) की स्थिति को बनाए रखना है।