• Wed. Sep 16th, 2026

24×7 Live News

Apdin News

हिमालय तेजी से पिघल रहा है – और भारत की अर्थव्यवस्था ‘खतरे में’ है.

Byadmin

Sep 16, 2026


कुपूप झील, जिसे बिटान चो या हाथी झील के नाम से भी जाना जाता है, भारत के पूर्वी सिक्किम में जेलेप ला दर्रे के पास स्थित एक उच्च ऊंचाई वाली हिमनदी झील है. 17 अप्रैल, 2026 को लगभग 13,066 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह झील भारत-चीन सीमा के पास पुराने सिल्क रूट लूप का हिस्सा है और अक्सर सर्दियों से लेकर मई के मध्य तक जमी रहती है.

इमेज स्रोत, Nur Photo via Getty Images

इमेज कैप्शन, भारत सरकार का कहना है कि 56 हिमनदी झीलों को “अत्यधिक जोखिम” वाली श्रेणी में रखा गया है

एक नई रिसर्च के मुताबिक़, हिमालय एक ख़तरनाक स्थिति के करीब पहुंच रहा है. ग्लेशियर पहले से ज़्यादा तेज़ी से पिघल रहे हैं. ग्लेशियरों से बनी झीलें अस्थिर हो रही हैं और इन पहाड़ों की निगरानी में कमी बढ़ती जा रही है.

यह रिपोर्ट नेपाल और तिब्बत में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद सामने आई है. इन बाढ़ में 1,300 से ज़्यादा लोगों की मौत हुई और बड़े पैमाने पर तबाही हुई. इन घटनाओं ने तेज़ी से बदलते हिमालयी क्षेत्र से पैदा हो रहे ख़तरों को सामने ला दिया है.

ग्लोबल कंसल्टेंसी कंपनी ‘सिस्टमिक़’ की रिपोर्ट के मुताबिक़, हिमालय के ग्लेशियरों की बर्फ़ एक दशक पहले के मुक़ाबले अब 65 प्रतिशत ज़्यादा तेज़ी से कम हो रही है.

यह रिपोर्ट इंटीग्रेटेड माउंटेन इनिशिएटिव के साथ मिलकर तैयार की गई है. इसमें इंटरनेशनल सेंटर फ़ॉर इंटीग्रेटेड माउंटेन डेवलपमेंट यानी आईसीआईएमओडी और जीबी पंत नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ हिमालयन एनवायरनमेंट ने तकनीकी सहयोग दिया है.

40,000 में से सिर्फ 21 ग्लेशियरों की निगरानी

भारत के सिक्किम राज्य के रंगपो में एक झील के टूटने से आई अचानक बाढ़ के मलबे से एक बस ढकी हुई है (8 अक्टूबर, 2023)

इमेज स्रोत, Reuters

इमेज कैप्शन, 2023 में ग्लेशियल रिवर के फटने से अचानक बाढ़ आ गई, जिससे सिक्किम में व्यापक तबाही हुई

रिपोर्ट के मुताबिक़, हिमालय-काराकोरम क्षेत्र में करीब 40,000 ग्लेशियर होने का अनुमान है. लेकिन इनमें से केवल 21 ग्लेशियरों की लगातार और विस्तार से निगरानी की जा रही है.

By admin