जागरण संवाददाता, अजमेर। रामनगर इलाके में कपड़े प्रेस करके रोजी-रोटी चलाने वाले 10 रुपये प्रति जोड़ी कमाने वाले जितेंद्र बाड़ोलिया को इनकम टैक्स विभाग ने 598 करोड़ रुपये के लेन-देन का नोटिस थमा दिया है।
जितेंद्र की तबीयत बिगड़ गई
नोटिस मिलते ही जितेंद्र की तबीयत बिगड़ गई। उनका शुगर लेवल 500 तक पहुंच गया और ब्लड प्रेशर भी बढ़ गया। उन्होंने खाना-पीना छोड़ दिया। जितेंद्र ने बताया कि उनका इस तरह के किसी भी कारोबार से कोई लेना-देना नहीं है। वह तो सिर्फ कपड़े प्रेस करके गुजारा करते हैं।
जितेंद्र के वकील राकेश ठाडा ने बताया कि उनके मुवक्किल का पैन कार्ड दो साल पहले खो गया था। संभवतः किसी ने उसी पैन कार्ड का दुरुपयोग कर बैंक खाता और जीएसटी नंबर बनवाकर फर्जी फर्म ‘मैसर्स मनन इंटरप्राइजेज’ खोल ली। पाली के एक डायमंड कारोबारी ने इस फर्म के जरिए सूरत में मात्र तीन महीने में करीब 600 करोड़ रुपये का ट्रांजैक्शन कर दिया।
जितेंद्र ने कहा, “मैं तो 10 रुपये में कपड़े प्रेस करता हूं, 598 करोड़ का हिसाब कहां से दूं?”मामले में अब पुलिस और इनकम टैक्स विभाग जांच कर रहे हैं। जितेंद्र की सेहत बिगड़ने के कारण उनका इलाज चल रहा है।