पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास अब जनता का समर्थन नहीं है और राज्य में किसी तरह का आंदोलन नहीं चल रहा है।
अधिकारी ने कहा कि अदालत की अनुमति के बाद शनिवार को श्रीरामपुर में हुई बैठक के दृश्यों से स्थिति साफ हो जाती है। उनके मुताबिक, बैठक में करीब 150 लोग ही मौजूद थे। उन्होंने ममता बनर्जी के राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए कहा कि वह 15 साल तक मुख्यमंत्री और छह बार सांसद रही हैं, लेकिन पिछले पांच महीनों में सब कुछ बदल गया है।
शुभेंदु अधिकारी बोले- कई हिस्सों में बंट गई है टीएमसी
बंगाल के मुख्यमंत्री ने दावा किया कि ममता बनर्जी के नाम और पार्टी के चुनाव चिह्न का अब कोई निशान नहीं बचा है और पार्टी तीन या चार हिस्सों में बंट गई है। अधिकारी ने कहा कि एसआईआर को लेकर ममता बनर्जी की ओर से फैलाए जा रहे कथित झूठ की तस्वीर भी स्पष्ट है।
#WATCH | Kolkata: West Bengal CM Suvendu Adhikari says, “There is no movement. Where is the movement? They (opposition) don’t even have the public with them. Look at the meeting held yesterday in Serampore after obtaining court permission; just take a look at the visuals. They… pic.twitter.com/ZoaTPXjpKC
— ANI (@ANI) September 27, 2026
हटाए गए 27 लाख नामों के मुद्दे पर क्या बोले सीएम शुभेंदु?
एसआईआर प्रक्रिया के दौरान करीब 60 लाख मामलों में से 27 लाख प्रविष्टियों को तार्किक विसंगतियों के आधार पर खारिज किए जाने को लेकर अधिकारी ने कहा कि यह प्रक्रिया न्यायिक अधिकारियों ने पूरी की थी। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारी चुनाव पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) के तौर पर काम कर रहे थे।
अधिकारी ने दावा किया कि एसआईआर की अवधि के दौरान ममता बनर्जी और उनकी पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख एक या दो बार नहीं, बल्कि करीब 20 बार किया। उनके अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के तहत हाईकोर्ट के माध्यम से जिला न्यायाधीशों को पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए नियुक्त किया गया था। उन्होंने कहा कि तार्किक विसंगतियों से जुड़े मामलों में अदालत के व्यापक हस्तक्षेप के कारण यह पूरी प्रक्रिया न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा थी।
ममता, राहुल और एमए बेबी को दी केरल में प्रदर्शन की सलाह
शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी, माकपा नेता एमए बेबी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी से केरल में भी प्रदर्शन करने की बात कही। उन्होंने कहा कि उन्हें तिरुवनंतपुरम जाकर वहां प्रदर्शन करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि उनके मुताबिक केरल में एसआईआर की स्थिति अलग है और वहां कांग्रेस ने चुनाव जीता है, जबकि बिहार और पश्चिम बंगाल में स्थिति काफी खराब हुई है। उन्होंने दावा किया कि एसआईआर में तार्किक विसंगतियों के मामले में पश्चिम बंगाल पूरी तरह अलग स्थिति वाला राज्य है।
एसआईआर को लेकर विवाद जारी
एसआईआर को लेकर पश्चिम बंगाल में राजनीतिक विवाद लगातार जारी है। ममता बनर्जी ने हाल ही में चुनाव आयोग पर आरोप लगाया था कि एसआईआर के जरिए वैध मतदाताओं के नाम हटाकर भाजपा को लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ग्यानेेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की थी।
हालांकि, एसआईआर से हटाए गए मतदाताओं और अपील की संख्या को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि पश्चिम बंगाल में हटाए गए नामों को दोबारा मतदाता सूची में शामिल करने की मांग को लेकर 22.21 लाख अपीलें दाखिल की गई थीं।