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Bcci-ksca:नौ साल की सीमा पार करने पर संतोष मेनन अयोग्य घोषित, कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ का सचिव पद खाली – Bcci Ombudsman Disqualifies Ksca Secretary Santosh Menon After Completing Maximum Term Know Details

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Jun 25, 2026


भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के ओम्बड्समैन न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा (सेवानिवृत्त) ने कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) के सचिव संतोष मेनन को पद के लिए अयोग्य घोषित कर दिया है। ओम्बड्समैन ने अपने आदेश में कहा कि मेनन केएससीए में अधिकतम अनुमत नौ साल का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं, इसलिए वह अब सचिव पद पर बने रहने के पात्र नहीं हैं। यह फैसला केएससीए के संस्थागत सदस्य डॉल्फिन क्रिकेटर्स द्वारा दायर शिकायत पर सुनवाई के बाद सुनाया गया। न्यायमूर्ति मिश्रा ने कहा कि संतोष मेनन का कार्यकाल 16 दिसंबर 2025 को ही समाप्त हो चुका था और इसके बाद सचिव पद पर उनका बने रहना नियमों के विपरीत है। उन्होंने सचिव का पद तत्काल प्रभाव से रिक्त घोषित कर दिया।

नौ साल की अवधि पूरी होने पर अयोग्यता

ओम्बड्समैन ने अपने आदेश में कहा कि मेनन ने केएससीए की प्रबंध समिति के सदस्य और पदाधिकारी के रूप में कुल मिलाकर नौ वर्षों का कार्यकाल पूरा कर लिया है। ऐसे में केएससीए संविधान की धारा 6बी(3)(जी) के तहत वह अयोग्य हो जाते हैं। आदेश में कहा गया है कि किसी व्यक्ति द्वारा केएससीए में अलग-अलग पदों पर बिताई गई अवधि को अलग-अलग नहीं माना जा सकता, बल्कि सभी कार्यकाल को जोड़कर देखा जाएगा। यही प्रावधान बीसीसीआई संविधान में भी मौजूद है, जिसके अनुसार कोई भी व्यक्ति किसी पद पर कुल नौ साल से अधिक नहीं रह सकता।

केएससीए संविधान की दलील खारिज

सुनवाई के दौरान केएससीए संविधान के नियम 41 का हवाला दिया गया, जो पदाधिकारियों के कार्यकाल से संबंधित है। हालांकि ओम्बड्समैन ने स्पष्ट किया कि यह नियम इस विवाद में राहत नहीं देता और इस मामले में लागू नहीं होता।उन्होंने कहा कि केएससीए और बीसीसीआई को आदेश के अनुरूप आगे की आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।

दिसंबर 2025 में फिर बने थे सचिव

गौरतलब है कि पूर्व भारतीय क्रिकेटर वेंकटेश प्रसाद के नेतृत्व वाला पैनल 7 दिसंबर 2025 को केएससीए चुनाव जीतकर सत्ता में आया था। उस चुनाव में संतोष मेनन ने ईएस जयराम को 675-632 मतों के अंतर से हराकर सचिव पद हासिल किया था। मेनन पहली बार वर्ष 2019 में तीन साल के कार्यकाल के लिए सचिव बने थे। हालांकि ओम्बड्समैन ने उनके सचिव पद के अलावा केएससीए प्रबंध समिति और अन्य पदों पर बिताए गए समय को भी जोड़ते हुए कुल कार्यकाल नौ वर्ष माना।

‘अवैध रूप से पद पर बने हुए हैं’

अपने आदेश में न्यायमूर्ति मिश्रा ने कहा कि संतोष मेनन 16 दिसंबर 2025 से सचिव पद पर बने रहने के लिए अयोग्य हैं और इसके बावजूद पद पर बने रहना नियमों के विरुद्ध है। उन्होंने कहा, ‘संतोष मेनन ने केएससीए संविधान में परिभाषित पदों पर कुल नौ वर्ष पूरे कर लिए हैं। इसलिए वह 16 दिसंबर 2025 से मानद सचिव पद पर बने रहने के पात्र नहीं हैं।’ फिलहाल इस फैसले पर केएससीए अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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