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फ्रॉड होने पर अब नो-टेंशन, RBI का बड़ा फैसला- क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी में ग्राहक को अस्थायी तौर पर राशि लौटाएं बैंक

Byadmin

Jun 25, 2026


पीटीआई, मुंबई। आरबीआई ने कहा है कि क्रेडिट कार्ड के जरिये धोखाधड़ी की शिकायत मिलने के पांच दिनों में बैंक को ग्राहक को अस्थायी तौर (शैडो रिवर्सल) पर राशि वापस करनी होगी। हालांकि, अगर डिजिटल धोखाधड़ी की शिकायत पांच दिनों के बाद मिलती है तो ग्राहक की जिम्मेदारी बैंक की नीति के अनुसार तय की जाएगी।

आरबीआई ने डिजिटल ट्रांजेक्शन में ग्राहकों की देनदारी को सीमित करने के लिए संशोधित फ्रेमवर्क जारी किया है। ये नियम एक जनवरी, 2027 से लागू किए जाएंगे।

संशोधित नियमों के तहत बैंक को अपने सिस्टम और प्रक्रियाओं को इस तरह बनाना चाहिए कि ग्राहक इलेक्ट्रानिक बैंकिंग ट्रांजेक्शन करने में सुरक्षित महसूस करें। साथ ही, ग्राहकों द्वारा किए जाने वाले डिजिटल ट्रांजेक्शन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बैंक को उचित सिस्टम और प्रक्रियाएं लागू करनी चाहिए।

आरबीआई ने कहा, “बैंक के लिए यह जरूरी है कि वह 500 रुपये से ज्यादा कीमत वाले सभी डिजिटल ट्रांजेक्शन के लिए ग्राहकों को तुरंत एसएमएस अलर्ट भेजें, लेकिन इसके लिए उनसे कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।”

बैंक को मैसेज डिलीवर होने के साथ ही अगर ग्राहक कोई जवाब देता है तो उसका समय और तारीख पर रिकॉर्ड करनी होगी।

मार्च में आरबीआई ने मसौदा निर्देशों के जरिये अनधिकृत ट्रांजेक्शन में ग्राहकों की जिम्मेदारी को सीमित करने वाले मौजूदा निर्देशों का दायरा बढ़ाने का प्रस्ताव दिया था।

इस पर कुछ हितधारकों ने क्रेडिट कार्ड के जरिये धोखाधड़ी के मामले में अस्थायी क्रेडिट से जुड़ा प्रविधान शामिल करने का सुझाव दिया था, जिसे आरबीआई ने मान लिया है।

उधर, आरबीआइ ने कहा है कि एक लाख करोड़ रुपये या उससे ज्यादा परिसंपत्तियों वाली एनबीएफसी को ऊपरी श्रेणी में रखा जाएगा। ऐसी कंपनियों की पहचान के लिए मौजूदा तरीके की जगह एक आसान तरीका अपनाया जाएगा।

आरबीआइ ने मंगलवार को कहा कि ऊपरी श्रेणी में आने वाली एनबीएफसी के लिए ज्यादा सख्त नियामकीय नियम लागू होंगे।

 

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