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Gen-Z के बाद Gen Alpha की एंट्री, यूपी से राजस्थान तक के स्कूलों में हो रहे प्रदर्शन; सड़कों पर क्यों उतरे छात्र?

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Aug 14, 2026


डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। नई दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJI) और जेन-जी ने मिलकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। जेन-जी नीट पेपर लीक के खिलाफ सड़कों पर उतरे थे।

इस प्रदर्शन ने जेन-जी की आवाज को सड़क से संसद तक पहुंचाया। सरकार ने भी जेन-जी की बात सुनी और उनकी मांगों को माना। वहीं अब जेन-जी के बाद देश में जगह-जगह जेन एल्फा विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा है।

जेन एल्फा के तहत वो बच्चे आते हैं, जिनका जन्म 2010 से 2024 के बीच हुआ है। यानी मौजूदा समय में दो साल से 16 साल तक के बच्चों को जेन एल्फा कहा जा रहा है।

जेन-जी के बाद जेन-एल्फा कर रहे प्रदर्शन

उत्तर प्रदेश से लेकर राजस्थान तक के स्कूलों में जेन एल्फा प्रशासन के सामने धरने पर बैठे हैं। हर जगह स्टूडेंट्स की सिर्फ यही डिमांड है कि स्कूल में वो सभी सुविधाएं दी जाएं जो जरूरी होती हैं।

जेन-एल्फा कहीं स्कूल में पंखों को लेकर डिमांड कर रहे हैं तो कहीं स्कूल तक पहुंचने के लिए बच्चों के लिए पक्की सड़क तक नहीं है। ऐसे में जेन-जी के प्रोटेस्ट के बाद से देश में कई जगह जेन-एल्फा भी आवाज उठा रहे हैं।

जेन-एल्फा के विरोध प्रदर्शन की आवाज प्रशासन तक पहुंच भी रही है, लेकिन देश में अचानक उठ रही आवाज कई जगह से सुनाई देने लगी है। बच्चे प्रशासन से मूलभूत सुविधाओं की मांग रख रहे हैं।

Gen Alpha Protest

हमीरपुर में स्कूल तक जाने के लिए पक्की सड़क की मांग

देश इस बार 15 अगस्त को 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। वहीं उत्तर प्रदेश के हमीरपुर से एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जहां जेन-एल्फा हाथों में तिरंगा और आंखों में आंसू लिए खड़े थे। कक्षा एक से 12 तक पढ़ने वाले बच्चे अपने अभिभावकों के साथ हाथ में तिरंगा लेकर कलेक्ट्रेट दफ्तर के सामने प्रदर्शन करने पहुंचे।

प्रशासन के सामने बच्चे यही कह रहे थे साहब हम भी पढ़-लिखकर कुछ बनना चाहते हैं, लेकिन गांव की बदहाल सड़क हमारी पढ़ाई और स्कूल के रास्ते में सबसे बड़ी अड़चन बनी हुई है। बरसात में इन बच्चों का स्कूल जाना बंद हो जाता है।

अधिकारियों ने बच्चों को आश्वस्त किया कि हर हाल में सड़क का निर्माण कराकर उनकी समस्या का समाधान किया जाएगा, ताकि उनका भविष्य संवर सकें। अधिकारियों के आश्वासन के साथ ही जेन-एल्फा की आवाज प्रशासन तक पहुुंचती नजर आई।

Gen Alpha Protest (3)

अलवर में गिरी जर्जर स्कूल की छत

राजस्थान के अलवर में जोधावास के थानागाजी उपखंड क्षेत्र के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय की छत गिरने के बाद से वहां भी जेन-एल्फा दो दिन से प्रदर्शन पर बैठे हैं।

अलवर में जेन-एल्फा के प्रदर्शन का आज शुक्रवार को दूसरा दिन है। इस प्रदर्शन को कॉकरोच जनता पार्टी का भी सपोर्ट मिल रहा है। सीजेपी की टीम आशुतोष के नेतृत्व में जोधावास गांव पहुंची है, जिसके बाद मामला और गरमा गया है।

जोधावास के इस स्कूल को पिछले साल ही जर्जर घोषित कर दिया गया था, जिसके बाद से स्कूल की मुख्य इमारत को बंद कर दिया गया और अब सिर्फ स्कूल के तीन कमरों में ही पढ़ाई जारी थी।

बुधवार, 12 अगस्त को जर्जर भवन की छत की एक पट्टी गिर गई, लेकिन गनीमत रही कि उस समय स्कूल में वहां बच्चे मौजूद नहीं थे, नहीं तो परिणाम कुछ और भी हो सकता था।

जेन-एल्फा के उग्र विरोध प्रदर्शन के कारण स्कूल में पढ़ाई पूरी तरह ठप हो चुकी है। हालात की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम थानागाजी और जिला शिक्षा अधिकारी (अलवर) मनोज शर्मा की प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची हुई है।

Gen Alpha Protest (5)

स्कूल में टीचर नहीं, तो पढ़ाएगा कौन?

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां जेन-एल्फा हाथों में तख्तियां और किताबें लेकर सड़कों पर उतर आए हैं।

लखनऊ के थाना पारे क्षेत्र पर स्थित जय नारायण स्कूल के छात्र-छात्राओं ने आज बुधवार, 14 अगस्त को स्कूल के सामने चौराहे पर जाम लगा दिया। जेन-एल्फा स्कूल में पर्याप्त शिक्षक न होने के चलते विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

बच्चों ने प्रशासन के खिलाफ आवाज उठाते हुए कहा परीक्षा सिर पर है और कोर्स आधा भी पूरा नहीं हो पाया है। स्कूल में मुख्य विषयों के शिक्षक गायब हैं, जिससे पढ़ाई को काफी नुकसान हो रहा है।

बच्चों ने बताया कि प्रशासन से कई बार कहा, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हो रही है। इसी वजह से आज वे सड़क पर विरोध करने उतरे हैं।

उत्तर प्रदेश सरकार के समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण वही से गुजर रहे थे, उन्होंने वहीं से स्टूडेंट्स के सामने शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों को फोन लगाया और जानकारी हासिल की।

असीम अरुण ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि जल्द से जल्द स्थाई शिक्षकों की तैनाती कराई जाएगी। उत्तर प्रदेश सरकार के समाज कल्याण मंत्री की बात पर भरोसा करते हुए जेन-एल्फा ने अपना प्रोटेस्ट खत्म किया और स्कूल में वापस लौट गए।

कन्नौज में भोजन की गुणवत्ता पर उठे सवाल

कन्नौज जिले के जवाहर नवोदय विद्यालय अनौगी में भोजन की गुणवत्ता को लेकर जेन-एल्फा प्रदर्शन कर रहे हैं। इस स्कूल के 10वीं, 11वीं और 12वीं के छात्रों ने स्कूल में मिलने वाले भोजन का बहिष्कार किया।

जेन-एल्फा ने अपना विरोध प्रदर्शन जताने के लिए खुद को हॉस्टल के कमरों में बंद कर लिया। यहां के स्टूडेंट्स का आरोप है कि मेस में खराब गुणवत्ता वाला खाना मिल रहा है।

छात्रों का कहना है कि उन्होंने कई बार शिकायत की है, लेकिन इसे लेकर कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। यहां पर जेन-एल्फा ने बुधवार, 12 अगस्त की शाम से ही मेस से खाना लेना छोड़ दिया है।

छात्रों के विरोध प्रदर्शन की बात कन्नौज के जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री तक भी पहुंची, उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

Gen Alpha Protest (6)

बेहोश हो रहे जेन-एल्फा, लेकिन विरोध प्रदर्शन जारी

उज्जैन में स्कूल को एक जगह से दूसरी जगह शिफ्ट करने का मामला सामने आया है। यहां सराफा स्कूल को दाऊदखेड़ी में शिफ्ट किया जा रहा है। इसी को लेकर छात्र-छात्राएं विरोध कर रहे हैं।

प्रशासन के खिलाफ इस विरोध प्रदर्शन के दौरान दो छात्राएं बेहोश भी हो गईं, जिन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। प्रदर्शन के दौरान रोते हुए एक छात्रा ने कहा कि हमारा भविष्य बर्बाद मत करिए।

प्रदर्शन पर बैठे स्टूडेंट्स का कहना है कि स्कूल को शहर से करीब 12-15 किलोमीटर दूर दाऊदखेड़ी शिफ्ट किया जा रहा है। ऐसे में रोजाना आने-जाने में परेशानी होगी और सुरक्षा को लेकर भी खतरा है। वहीं जेन-एल्फा ने नारे लगाए कि हम दाऊदखेड़ी नहीं जाएंगे।

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